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कटनी जिले के रीठी सामुदायिक केंद्र में स्थित बाल शक्ति संजीवनी पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) जहा कुपोषण से जूझते मासूम बच्चों को राष्ट्रीय पोषण पुनर्वास योजना के तहत कुछ गंभीर कुपोषित, तो कुछ मध्यम कुपोषण की श्रेणी में रखकर भर्ती कर, विशेष देखरेख, नियमित दवाएं,और खास पोषक आहार दिया जाता हैं l ताकि वह जल्द ही रिकवर हो सके ।
परंतु यहां के हालात देखकर ऐसा लगता है कि यह योजना अब सिर्फ कागज़ों तक ही सिमट कर रह गई है । यहां न तो नियमानुसार बच्चो को दूध मिल रहा है और न ही पोषणयुक्त आहार। जबकि NRC में भर्ती हर बच्चों को आसानी से पचने वाला, ऊर्जा और पोषण से भरपूर F-75 फॉर्मूला दूध वजन के अनुसार प्रतिदिन हर 2 घंटे में 1 बार, यानी दिन में 8 से 12 बार दिया जाता हैं lजिससे बच्चा धीरे-धीरे संभले।और शरीर को स्थिर तथा अंदरूनी अंगों को काम करने लायक बनाना होता है। और जब बच्चा कुछ स्थिर हो जाता है, तब उसे F-100 फॉर्मूला दूध हर 3 घंटे में 1 बार, यानी दिन में 6-8बार और ऊर्जा व प्रोटीन युक्त ठोस भोजन दिया जाना चहिए । याने कि हर 2-3 घंटे में दूध देना अनिवार्य है, चाहे बच्चा जाग रहा हो या सो रहा हो। दूध अगर समय पर न मिले, तो बच्चा रिकवर नहीं कर पाता, और फिर से गंभीर कुपोषण में लौट सकता है ।लेकिन यहां के हालात देखकर ऐसा लगता है कि यह योजना अब कागजो तक सिमटकर ही सीमित रह गई है । क्योंकि यहां फॉर्मूले अनुसार नहीं अपनी मर्जीअनुसार भर्ती बच्चों को दिन में सिर्फ दो या तीन बार ही दूध दिया जाता है l और फलों का तो आप नाम ही न लो क्योंकि यहां भर्ती महिलाओं ने बताया कि जबसे हम भर्ती हुए है तबसे आज तक हम सभी को सिर्फ दो ही बार फल दिए गए है। आखिर ऐसा क्यों,,? आखिर यह फल और दूध जाते कहां है जबकि इनके भरीभरकम बिल बीपीएम की निगरानी से होकर अकाउंटेंट तक पहुंचते हैं ।
वही NRC स्टाफ के मुखिया मुख्यालय में न रहकर बाहर से आकर अप डाउन की रस्म निभा रही है और हफ्तों छूटी मैं रहती है ।जबकि एक संविदा कर्मचारियों को मिलने वाली छुट्टियों की संख्या, उनके अनुबंध की शर्तों और NRC की नीतियों पर निर्भर करती है। आमतौर पर, संविदा कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों की तरह समान अवकाश लाभ नहीं मिलता हैं,। वही NRC में डॉक्टर की नियमित विज़िट नहीं हो रही परंतु रिकॉर्ड में तो बच्चों को सब कुछ मिल रहा है ।
अब सवाल यह उठता है…जब सरकारी योजनाएं इतनी संवेदनशील हैं, तो उनके क्रियान्वयन में यह लापरवाही क्यों,,,,? हमारे प्रशासन से मांग है कि रीठी NRC की तत्काल जांच कराई जाए,और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो, और बच्चों के लिए नियानुसार पोषण की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए,l ताकि कोई भी बच्चा कुपोषित न रहे ।
हरिशंकर बेन


