कटनी जिले के अंतर्गत जनपद शिक्षा केंद्र रीठी के सिंघैया टोला के प्राथमिक विद्यालय में पिछले एक साल से बच्चों को मिड-डे मील (MDM) जिस समूह को यह जिम्मेवारी सौपी गयी थी ।उसने mdm बनाना बंद कर दिया था तो वही जनवरी 2025 में ज़िला पंचायत के सीईओ ने विद्यालय को फिर से मिड-डे मील शुरू करने के लिए ‘आजीविका मिशन’ के तहत एक सक्रिय समूह की सूची भेजने निर्देशित किया था ।जिस पर आजीविका मिसन ने जिस समूह को चयनित कर प्रभारी शिक्षक के पास अनुमोदन हेतु भेजा गया ।लेकिन शिक्षको की मंशा तो और कुछ ही थी जनपद शिक्षा केंद्र में कार्यरत bac सुरेश महोबिया और विद्यालय के प्रभारी शिक्षक शंकर सिंह ने भेजे गए प्रस्ताव का अनुमोदन ही नहीं किया l जो पहले समूह संचालित था उसके हटने के बाद, स्वयं ही मध्यान भोजन चलने लगे ।और प्रस्तावित प्रस्ताव को हरी झंडी नहीं दी गई । सोचने वाली बात यह है कि अगर सरकारी योजनाओं में इस तरह की लापरवाही और गड़बड़ियाँ होती हैं,
तो बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण के साथ खिलवाड़ होता है। वही शिक्षकों और विद्यालय प्रशासन द्वारा दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर न करने के पीछे क्या मंशा साफ दिखाई दे रही है की किसी सक्रिय समूह को मिड-डे मील की जिम्मेदारी न दी जा सके,और वे खुद अपने फायदे की स्थिति बना सकें।वही इस बारे मैं शिक्षक शंकर सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया माँ स्व सहायता समूह से अब mdm बनवाया जाएगा ।जबकि जिले में अनुबंध किसी और समूह का भेजा गया। जनपद शिक्षा केंद्र में सम्पर्क करने पर शाखा लिपिक ने बताया की अभी तक किसी समूह को अनुबंधित नहीं किया गया है ।
हरिशंकर बेन


