*किसी भी धार्मिक और पर्यटक स्थल की एक पहचान होती है, जिसे यहां आये सैलानियों के दिल और दिमाग पर उसे आभा प्रदान करती है, साफ सफाई, स्वच्छता, सड़कें गांधी चौक पचमढ़ी बदनुमा दाग बन गया है, यहां पर लोगों ने टेक्सी स्टेण्ड बना रखा है आने जाने वाले वाहनों को निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ता है वहीं यह अव्यवस्था कहीं किसी दुर्घटना का सबब न बन जाये , अच्छा होता जिले का प्रशासन जागें , छावनी परिषद कुंभकर्णीय मुद्रा में विश्राम कर रही है , उसे फिक्र है बस बजट आ जाये विकास के लिए तो गंगा नहा ले, कुंभ जाने की जरुरत नहीं*
*पर्यटन स्थल पचमढ़ी छावनी नगर का वैसे तो हाल सभी को मालूम है , परन्तु इस सबसे बाद मामला यह है कि छावनी परिषद द्वारा वाहनों को खड़ा करने के लिए पार्किंग स्थल बनाया गया , परन्तु वाहन मालिक पूरे गांधी चौक पर अपने वाहनों को मनमाना खड़ा कर चले जाते हैं, कुछ दिनों पूर्व अलबत्ता छावनी और पुलिस प्रशासन ने लगाम कसी थी परन्तु आज मनमानी का आलम फिर देखने को मिल रहा है*
*इस अव्यवस्था के चलते पचमढ़ी के नागरिकों ने जिसमें बाम्बे होटल के गणमान्य जनों ने लिखित में आवेदन भी दिया परन्तु छावनी परिषद को कोई फर्क नहीं पड़ा इससे अव्यवस्था के चलते वरिष्ठ पत्रकार राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनोज दुबे ने छावनी ब्रिगेडियर जो कि छावनी के अध्यक्ष हैं एक पत्र लिखित में दिया है कम से कम पचमढ़ी पर्यटन स्थल पर मनमानी पर लगाम कसी जाये*!
*पर्यटन छावनी नगर पचमढ़ी का आलम यह है , नेता खामौम रहते हैं क्योंकि वोट बैंक की राजनीति ने पचमढी की फिजा को बदनुमा बना दिया है*!
*समाचार लिखे जाने तक छावनी के किसी अधिकारी ने इस पर ध्यान नहीं दिया न पुलिस ने छावनी न नेता*!
*छावनी परिषद यदि ध्यान नहीं देगी तब जिले के आला अधिकारियों को इस समाचार के माध्यम से उन्हें आगाह कर भेजा जायेगा*!
*छावनी परिषद सी ई ओ एवं अध्यक्ष छावनी ब्रिगेडियर एवं जिले के आला अधिकारियों में जिले के एस पी तुंरत इस अव्यवस्था पर संज्ञान लेकर इस व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त कराये भविष्य में किसी प्रकार की घटना घटती तो प्रशासन जिम्मेदार होगा*
*क्या इस व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त करने के लिए नर्मदा पुरम के अधिकारियों को दखल देना। होगा या छावनी अध्यक्ष ब्रिगेडियर महोदय को इस समाचार के बाद देखना है ऊंट किस करवट बैठता है*
*मनोज दुबे*
*सीनियर जर्नलिस्ट*
*राष्ट्रीय उपाध्यक्ष*


