रिपोर्टर : हेमन्त सिंह
कटनी : 16 सूत्रीय माँगो को लेकर आंगनवाडी कार्यकर्ता ने कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुँच मुख्य मंत्री के नाम सोपा ज्ञापन, अखिल भारतीय आंगनवाडी वर्कर्स एण्ड हेल्पर्स फैडरेशन के द्वारा 10 जुलाई को राष्ट्रव्यापी मांग दिवस मनाये जाने के पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका एकता यूनियन मध्य प्रदेश (सीट्) द्वारा आयेजित प्रदर्शन के माध्यम आंगनवाड़ी कर्मियों की मांगों एवं गंभीर समस्याओं की ओर आपका ध्यान आकर्षित करते हुए उनके निराकरण की मांग करती है।
आईसीडीएस केंद्र सरकार की योजना है। पोषण ट्रैक्टर एप केंद्र सरकार का एप है इसमें पूरे देश में कार्य किया जा रहा है। इस एप में आईसीडीएस संबंधी सर्वे से लेकर सभी रजिस्टरों का कार्य करवाया जा रहा है। ऐसी कोई भी जानकारी नहीं है जो पोषण ट्रैकर एप में न ली जा रही हो।
मध्य प्रदेश में अलग से संपर्क एप में वही काम लिया जा रहा है जो पोषण ट्रैक्टर में भी लिया जा रहा है। इस तरह आंगनबाड़ी कर्मियों को वही कार्ग दो एप-पोषण ट्रैकर एप एवं संपर्क एप में करना पड़ रहा है इससे एक हो काम की पुनरावर्ती होने के साथ काम में समय ड़बल लग रहा है। दो एप में एक साथ काम करने में समस्या पैदा हो रही है। पोषण ट्रैक्टर एप तो खुल जाता है लेकिन संपर्क एप खोलने में कई बार दो. दो तीन तीन घंटे लग जाते हैं। नेटवर्क का समय पर न मिलाना, नेटवर्क आते जाते रहना और बहुत से गांव ऐसे भी हैं जहां केंद्र से तीन चार किलोमीटर दूर जाकर ऊंचे स्थान पर चढ़कर नेटवर्क मिलता है। जैसे पहाड़ी पर या कहीं ऊंने गर है तो उनकी उप के किसी कोने में जाकर नेटवर्क मिलता है और कभी नेटवर्क मिलता भी नहीं है। ऐसी स्थिति में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता काम तो कर रहीं होती है लेकिन उसके काम की गणना नहीं होती और उसके मानदेय की भी कटौती कर ली जाती है। काम करने पर भी उसका मानदेय कार लिया जाता है जो सरासर अन्याय है।सरकार द्वारा जो मोबाइल दिए गए हैं उनमें व्हाट्सएप भी डाउनलोड नहीं होता है। जिससे फोटो भेजना भी मुश्किल होता है। मोबाइल को क्षमता कम होने के कारण लोड नहीं लेता है। ऐसी बहुत सी समस्याएं मोबाइल में है जिसके कारण व्यांगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दो दो एप में काम करना बड़ा मुश्किल हो रहा है। हर दो-तीन दिन में नया वर्जन आता है जिसे व्यउनलोड करने में भी दिक्कतें होती हैं। अतः पोषण ट्रैकर एप को निरंतर किया जाए यदि उसमें कुछ कमी है तो उसे कमी को पोषण रैकर ऐप में हो जोड़ दिया जाए एवं संपर्क एप को बंद किया जाए। पोषण ट्रैकर ऐप में ही काम करवाया जाए। किसी भी एप में मानदेय को ना जोड़ा जाए किसी भी तरह की मानदेय में कटौती बंद की जाए।
मध्य प्रदेश की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए इस बात पर भी गौर किया जाए कि हर समय हर जगह नेटवर्क मिलेगा यह जरूरी नहीं है। कभी सरवर रहता है तो कभी सर्वर डाउन हो जाता है जिसके कारण कार्य प्रभावित होता है जिससे समय पर कार्य नहीं हो पता है इस बात को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। यदि नेटवर्क के माध्यम से फाम होगा तो नेटवर्क नहीं रहने पर काम भी
प्रभावित लेगा इसमें आंगनबाड़ो कर्मियों की कोई गलती नहीं होती इसलिए एप से मानदेय को अलग रखा जाए।
आंगनबाड़ी कर्मियों से ऑनलाइन काम लिया जाए या ऑफ लाइन काम लिया जाए, सभी रजिस्टर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को संधारित करने पड़ते हैं लेकिन 2013 से आज तक विभाग की ओर से रजिस्टर नहीं दिए गए है। उसके लिए किसी तरह का कोई भुगतान नहीं किया जाता है। यदि ऑफलाइन काम करवाना है तो उसके लिए रजिस्टर उपलब्ध करायें जाएं गा जो भी अधिकारी केंद्र में जांच के लिए आए वह मोबाइल में संभारित रजिस्टरों से अवलोकन करें रजिस्टर की मांग
आंगनबाड़ी केन्द्रों में ना की जाए। सरकार द्वारा से 6 वर्ष के बस्चों के लिए सरकारी स्कूलों में एडमिशन के आदेश जारी किए गए है इससे आंगनवाड़ी में आने वाले बच्चे स्कूल में जाने से आंगनबाड़ी में बच्चों को उपस्थिति हो जाएगी।
नाईसीडीएस योजना जब शुरू की गई थी तब यह परिकल्पना की गई थी कि इस योजना का जिसके लिए इस योजना को शुरू किया गया था उसमें मातृ मृत्यु दर एवं मासा मृत्यु दर को कम करने में को दूर करने, गर्भवती महिला को टीकाकरण व पोषण आहार देने, धात्रि महिला को पोषण आहार और पोहे, जी में • वर्ष के बच्चों को टीकाकरण, पोषण आहार वितरण करने और 3 से वर्ग के चत्रि शिक्षा देने की सेवाएं मुख्य रूप से शामिल हैं को आज तक आंगनवाड़ी केन्द्रों में दी थी जा रही है राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा कमांक पा. पु सीसीई 2024/248 भोपाल दिनाक 27. 3. 2024 को अवग जिसमें कुछ जिलों के चयनित
विद्यालय में पूर्व प्राथमिक कक्षाएं वर्ष के बच्चों के लिए प्रदेश के पांच जिलों में भोपाल सिंगर एवं होल के खून 2024 से संचालन पारंभ किए जाने जाते हैं। यदि आंगन में आने से बच्कूलआईसीडीएस योजना का क्या होगा ? वया बच्चों को आईसीडीएस द्वारा को लेकाली सेवाओं से बाँध कर दिया जाए आंगनवाड़ी कार्यकतर्ता एवं सहायिका एकता यूनियन मध्य प्रदेश (सीआदेश निरस्त करने की मांग करता है और आंगनवाड़ी का विस्तार करते हुए आंगनबाड़ी में ही के. जी. के. के. कधा दिए अपने को सस्था किए जाने की मांग करता है।


