रिपोर्टर : हेमंत सिंह
कटनी-जीव जीवन भर अहंकार में जीता है, लेकिन जब अंत समय निकट आता है तो उसे भगवान याद आते हैं। जीवन भर किए गए पाप अंत समय की गुहार से नहीं कट सकते, इसलिए प्रतिपल भगवान का सुमिरन करते रहे, जिससे आप पाप कर्मों की ओर नहीं बढ़ेंगे और सत्कर्मों की प्रेरणा मिलती रहेगी। कुछ ऐसे अमृत बचन मिश्रा परिवार द्वारा ग्राम गताखेड़ा आयोजित श्रीमदभागवत ज्ञानयज्ञ मैं कथा के तीसरे दिवस व्यास पीठ से प्रसिद्ध तीर्थ खाटू श्याम धाम दिल्ली से पधारे आचार्य ब्रजेश कृष्ण शास्त्री जी ने अपने मुखरविंद से कही महाराज जी ने श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह में तीसरे दिवस भगवान श्री हरि के पांचवे वामन अवतार की कथा का वर्णन किया इस दौरान
बालकृष्ण की सुंदर झांकी देख श्रद्धालु विभोर हो गए। खास अवसर के लिए कथा पांडाल को गुब्वारों और फूलों से सजाया गया। नन्हें मुन्हें बच्चे भी कृष्ण रूप में श्रद्धालुओं को लुभा रहे थे। इस दौरान श्रद्धालु कृष्णभक्ति में विभोर होकर नाच उठे।
सायकालीन आरती कर कथा को विश्राम दिया गया व प्रसाद का वितरण किया गया।
इस दौरानआयोजक परिवार से मुख्य श्रोता श्री ओंकार प्रसाद मिश्रा धर्मपत्नी श्रीमती गायत्री देवी मिश्रा है एवं गाता खेड़ा सहित आसपास के ग्रामों के सैकड़ों भक्त माताएं बहने युवा बुजुर्ग भक्त रस का पान कर रहे है अनिल मिश्रा सुनील मिश्रा एडवोकेट मुकेश मिश्रा धर्मेंद्र मिश्रा आयुष मिश्रा सावंत मिश्रा धीरेन्द्र मिश्रा ध्रुव मिश्रा दर्शित मिश्रा चीकू ,दृष्टि ,कुट्टू,
मिश्रा सहित सैकड़ों स्थानीय जनो की बड़ी संख्या मे श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।


