मध्यप्रदेश के नगरीय निकायों में अब महिलाओं के लिए पिंक बसें चलाने की तैयारी की जा रही है. इन बसों में सिर्फ महिला यात्री ही यात्रा कर सकेगी. खास बात यह है कि बसों में ड्राइवर से लेकर कंडेक्टर भी महिलाएं ही होगी.
नगरीय विकास व आवास विभाग शुरुआती दौर में प्रदेश के 16 नगर निगम व 4 नगर पालिका क्षेत्र भिंड, गुना, शिवपुरी व विदिशा में बसों का संचालन की व्यवस्था कर रहा है.
नगरीय विकास विभाग के प्रमुख सचिव ने जबलपुर, छिंदवाड़ा, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सागर, सिंगरौली, मुरैना, उज्जैन, रतलाम, इंदौर, भोपाल, सतना, खंडवा, बुरहानपुर, देवास, कटनी तथा भिंड, गुना, शिवपुरी व विदिशा में नगर पालिका परिषद में पिंक बसों के व्यवस्था करने के लिए कहा है. वहीं इंदौर में नगर निगम ने दो पिंक बसों का संचालन भी पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरु भी कर दिया है. ऐसा कहा जा हा है कि महिलाओं की सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए नगरीय निकायों में यह व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए है. पिंक बसों को लेकर जो व्यवस्था तय की जा रही है. उसमें बस ड्राइवर व कंडक्टर महिला ही होगी. पिंक बसों में केवल महिला यात्री ही यात्रा कर सकेंगी. महिला चालक एवं परिचालक के लिए ड्रेस कोड अनिवार्य होगा. स्मार्ट सिटी शहरों में पिंक बसों की निगरानी कमांड सेंटर के माध्यम से की जाने के लिए भी कहा गया है. बसों में सीनियर सिटीजन एवं शारीरिक रूप से विकलांग यात्री के लिए सीट आरक्षित की जाए. सभी पिंक बसों में महिला
सुरक्षा की दृष्टि से जीपीएस एवं पैनिक बटन लगाने होंगे. सरकार का मानना है कि शहरी क्षेत्रों में पिंक बसों के संचालन से सिटी बसों में महिला यात्रियों का आत्म विश्वास बढ़ेगा और वह निडर होकर यात्रा कर सकेंगी. गौरतलब है कि नगरीय विकास विभाग के माध्यम से प्रदेश में अमृत योजना एवं जेएनएनयूआरएम के तहत करीब 13 हजार नगरीय बसों का संचालन किया जा रहा है. इसमें सबसे अधिक बसों का संचालन जबलपुर, भोपाल, इंदौर, उज्जैन शहर में किया जा रहा है. अब एक बार फिर सरकार बसों की संचालन व्यवस्था में नए सिरे से कसावट लाने की तैयारी में जुट गई है.


