कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अवि प्रसाद द्वारा विधानसभा निर्वाचन के दौरान जिन कर्मचारियों का मेडिकल बोर्ड से स्वास्थ्य परीक्षण करवाया था उनमे से शिक्षा विभाग के 7 कर्मियों को अक्षम मानते हुए अनिवार्य सेवानिवृत्ति प्रक्रियाधीन है।
कलेक्टर श्री प्रसाद ने जिला मेडिकल बोर्ड से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर इन सभी कर्मचारियों को 20 साल की सेवा और 50 वर्ष की उम्र के मापदण्ड के तहत अनिवार्य सेवानिवृत्ति का प्रस्ताव तैयार करने संबंधित विभाग के जिला अधिकारियों को निर्देशित किया था।
कलेक्टर के निर्देश के बाद जिला शिक्षा अधिकारी पी.पी.सिंह ने सभी 7 कर्मचारियों की पदस्थापना स्थल वाले स्कूलों के प्राचार्याे को पत्र लिखकर अनिवार्य सेवानिवृत्ति वाले कर्मियों की जन्मतिथि, प्रथम नियुक्ति दिनांक सहित अनिवार्य सेवानिवृत्ति का प्रस्ताव संबंधित विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी की अनुशंसा सहित 5 कार्यदिवस में भेजने को कहा है।
अनिवार्य सेवानिवृत्ति वाले कर्मी
शिक्षा विभाग के जिन 7 कर्मियों के विरूद्ध 50 वर्ष की आयु एवं 20 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर अक्षमता के आधार पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने की कार्यवाही प्रचलित है। उनमें शासकीय माध्यमिक शाला सुरमा के उच्च श्रेणी शिक्षक नंदूलाल चौधरी, शासकीय हाईस्कूल बिजौरी के माध्यमिक शिक्षक नागेन्द्र कुमार मिश्रा , शसकीय प्राथमिक शाला मढि़या शासकी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिलहरी के सहायक शिक्षक श्री विशाली राम कोल, शासकीय प्राथमिक शाला बरछेंका के सहायक शिक्षक नारायण सिंह मरावी, शासकीय प्राथमिक शाला गाड़ा के प्राथमिक शिक्षक भाग सिंह गौड़, श्रमधान उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कैमोर के उच्च श्रेणी शिक्षक ए.एस चौहान और शासकीय माध्यमिक शाला एन.के.जे. के भृत्य श्री दुर्गा प्रसाद बर्मन शामिल है। इन सभी 7 कर्मियों को कार्यालयीन कार्य हेतु अक्षम पाया गया है।


