दोनों उम्मीदवार ग्रामीण क्षेत्रों में घूम रहे हैं दोनों पार्टी के प्रत्याशी के समर्थक अपनी अपनी पार्टी के समर्थक शहरी क्षेत्र में संभाल रहे हैं प्रचार की कमान
जिला ब्यूरो मुकेश चतुर्वेदी
गंज बासौदा परिसीमन के बाद तेरह विधानसभा में अभी तक हुए चुनाव में छह बार कांग्रेस एवं सात बार भाजपा के विधायक चुने गए अभी तक हुए चुनाव में कांग्रेस भाजपा छोड़कर किसी भी दल का विधायक नहीं चुना गया इस बार के चुनाव में दोनों ही प्रत्याशियों के बीच कांटे का मुकाबला देखने को मिल रहा है ऊंट किस करवट बैठेगा यह अभी नहीं कहा जा सकता कुछ दिन बाद हो सकती है स्थिति साफ दोनों ही प्रत्याशी क्षेत्र के लिए नए नहीं है जनता दोनों के ही कार्य का कार्यकाल देखा है दोनों ही प्रत्याशी क्षेत्र में किसी भी परिचय के मोहताज नहीं है गंजबासोदा विधानसभा में कुल मतदाता 2लाख बारह हजार 686 मतदाता है जिसमें एक लाख दस हजार 948 पुरुष एवं 1 लाख 1 हजार 732 महिला मतदाता के रूप में शामिल है विधानसभा चुनाव 2023 कांग्रेस पार्टी एवं भारतीय जनता पार्टी के बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि दोनों ही पार्टियों को प्रति भी दाव पर लगी हुई है। जिस तरह से क्षेत्र में राजनैतिक सरगर्मियां तेज हो रह है, उस हिसाब से यदि देखा जाये तो चुनाव में कांग्रेस-भाजपा के बीच में जोर आजमाइरा कम नहीं है। जो कि आगे बढ़ भी सकती है। क्योंकि भाजपा को अपने 18 साल के विकास कार्य की दम पर अपनी प्रतिष्ठा को बचाये रखने के लिए करनी पड़ रही है। दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी को भाजपा को सत्ता से बाहर का दस्ता दिखा कर सत्ता में वापसी के लिए पूरी ताकत से लड़ना हैनिकि दोनों पार्टियों की वर्तमान परिस्थिति बिलकुल एक जैसी है। एक पार्टी को सत्ता खोने का डर दूसरे पार्टी वहीं कांग्रेस पार्टी सत्ता में आने के लिए बेताब है क्या इस बार सत्ता परिवर्तन होगा या भाजपा पुन वापसी करेगी
जव हमारे जिला ब्यूरो ने लोगों के मन में क्या चल रहा है। यह जानने की कोशिश की तो अधिकतर लोगों कहाँको परिवर्तन होना चाहिये, और हर पांच साल में सरकार बदलनी चाहिये। कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार निशंक जैन एवं भाजपा के उम्मीदवार हरि सिंह रघुवंशी के संबंध में पूछा कि दोनों उम्मीदवारों में से किसका पलड़ा भरी है, तो किसी एक उम्मीदवार के पक्ष माहौल में दिखाई नहीं पढ रहा बल्कि दोनों में ही कांटे का मुकाबला दिखाई पड़ रही है, जिससे चुनावी माहौल और भी रोचक हो जाता है। चुनौतीपूर्ण लग रहा है इस बार का विधानसभा चुनाव इस कोई संदेह नहीं है। क्योंकि यह किसी भी उम्मीदवार की आसान नहीं है। जैसे जैसे प्रचार प्रचार आगे बढ़ता रहेगा तभी कुछ हद तक स्थिति साफ होती नजर आएगी कौन किस पर भारी है


