रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम । कलेक्टर नीरज कुमार सिंह के निर्देशन में राजस्व विभाग, खनिज विभाग, होमगार्ड सहित पुलिस विभाग की टीम द्वारा खनिज विभाग के माध्यम से जिले भर में अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ विधानसभा चुनाव को लेकर फिर मुहिम शुरू कर दी गई है। जिला खनिज अधिकारी दिवेश मरकाम से मिली जानकारी के अनुसार कलेक्टर नीरज कुमार सिंह के निर्देशन में अवैध उत्खनन, परिवहन,भण्डारण के विरूद्ध कार्यवाही के दौरान राजस्व, खनिज एवं पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त रूप से कार्यवाही जारी है। खनिज विभाग को निरंतर शिकायत पहुंच रही थी कि केसला सुखतवा क्षेत्र में बड़े स्तर पर रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। जिसके बाद कलेक्टर के निर्देशन में खनिज अधिकारी के सहित केसला थाना प्रभारी के साथ संयुक्त जाँच टीम ने ग्राम- सुखतवा, तहसील – इटारसी से रेत का अवैध उत्खनन करते हुए महाराष्ट्र पासिंग 05 ट्रक (क्रमांक – MH27BX1641, TS26T4757, MH40BG9383, MH34BZ5313, MH40BG9383) जप्त कर कृषि उपज मण्डी प्रांगण इटारसी में पुलिस अभिरक्षा में खड़ा किया गया है । इसी प्रकार सोमवार 9 अक्टूबर को तहसीलदार नर्मदापुरम एवं खनिज निरीक्षक द्वारा संयुक्त रूप से कार्यवाही करते हुए ग्राम-धानाबड़ तहसील नर्मदापुरम से बिना नंबर का आयशर ट्रेक्टर ट्राली को रेत का अवैध परिवहन करते पाये जाने पर जप्त कर कृषि उपज मण्डी प्रांगण नर्मदापुरम में अभिरक्षा में रखा गया है। उक्त कार्यवाहियों में दिवेश मरकाम खनिज अधिकारी, श्रीनाथ झरबड़े थाना प्रभारी केसला, शक्ति श्री तोमर, तहसीलदार नर्मदापुरम, पिंकी चौहान खनिज निरीक्षक नर्मदापुरम तथा पुलिस एवं होमगार्ड बल उपस्थित रहा।
उक्त जप्त वाहनों के विरूद्ध मध्यप्रदेश खनिज ( अवैध खनन परिवहन तथा भण्डारण का निवारण) नियम 2022 के तहत कार्यवाही की जा रही है। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में जिले में कोई भी रेत खदान स्वीकृत नहीं है खदानों पर रेत माफिया सक्रिय हैं। मगरिया पुल, बांद्राभान, घानाबड़, मरोड़ा, निम्सादिया, रायपुर सहित केसला, सुखतवा सहित पिपरिया , बनखेड़ी रेत खदानों पर माफिया सक्रिय है। इटारसी होशंगाबाद , पिपरिया सहित अन्य क्षेत्रों में ट्रैक्टर ट्रालियों से रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन निरंतर देखा जा सकता है। बताया जाता है कि सुखतवा क्षेत्र में रेत का अवैध खनन किसी रसूखदार माफिया के संरक्षण में धड़ल्ले से चल रहा था। खनिज और पुलिस की संयुक्त कार्यवाही में रेत के अवैध खनन परिवहन में महाराष्ट्र पासिंग पांच ट्रक स्थल से जप्त किए गए। बड़ा सवाल यह है कि प्रतिबंध के बावजूद किसकी सहमति से या किसके संरक्षण में यह महाराष्ट्र पासिंग ट्रक सुखतवा में अवैध रूप से रेत का परिवहन करने आए थे आखिर अब तक विभाग ने अमानत में खयानत को लेकर एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की? क्या यह कार्यवाही सिर्फ जुर्माना तक ही सीमित रहेगी? पर भी बड़े सवाल खड़े होते हैं। क्या खनिज विभाग के ज़िम्मेदारो की नाक के नीचे सुखततवा में अवैध उत्खनन होता रहा और विभाग को कोई खबर नहीं हुई…..जो की जांच का विषय है..?


