रिपोर्टर सीमा कैथवास
सिवनीमालवा। एसडीएएम महाविद्यालय सिवनीमालवा में सोमवार को “प्राकृतिक जैविक खेती जनजागरण योगाहार यात्रा” कार्यक्रम आयोजन किया गया । कार्यक्रम द्वारा छात्र छात्राओं को जैविक खेती और योग के महत्व से अवगत कराया गया । कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पतंजलि के सीजीएम पवन कुमार द्वारा छात्र-छात्राओं को जैविक खेती के महत्व के बारे मे बताते हुए कहा कि जैविक खेती के उपयोग से किसान अथवा उत्पादक को दूरगामी लाभ प्राप्त होने के साथ साथ इसकी उत्पादन लागत कम हो जाती है. साथ ही यह भूमि की गुणवत्ता एवं उर्वरता बढ़ाकर, भूमि में कार्बन अवशेष की मात्रा को भी बढ़ाता है. इसके द्वारा फसल की उत्पादकता एवं उत्पादन बढ़ने के साथ ही स्वस्थ फसल प्राप्त होती है. “पहला सुख निरोगी काया” बताकर छात्र छात्राओं को बताया गया की व्यायाम और योग से आपका शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों ही बेहतर हो सकता है। उत्तराखंड के अतिथि तरुण शर्मा ने बताया कि जैविक खेती किस तरह से की जाती है और किन किन चीजों के उपयोग किया जाता है। साथ ही हर्बल उत्पाद का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया । कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि पतंजलि के सीजीएम पवन कुमार, पतंजलि किसान सेवा समिति के राज्य प्रभारी मुन्नीलाल यादव , एवं कृषि कर्मण अवार्ड विजेता शरद वर्मा, कृषक प्रदीप राज वर्मा, किसान सेवा समिति म.प्र. सह राज्य प्रभारी कमलेश गौर, शरद वर्मा, रामकृष्ण रघुवंशी, एम.एल.गौर, प्रदीप राज वर्मा, अशोक पटेल, रमेश चंद्र मेहरा, मुकेश मालवीय, राकेश गौर, छितिज गौर, ऋषि कांत पटवा, अक्षय कुमार गौर, शैलेंद्र मौर्य, रामानुज मौर्य, आत्माराम पटेल मौजूद रहे । महाविद्यालय के रजिस्ट्रार राजेश कुशवाह ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।


