कटनी (19 जुलाई ) – कटनी जिला चिकित्सालय में रिफर होने वाले समस्त प्रसव प्रकरणों के ऑडिट उपरांत रिपोर्ट कटनी कलेक्टर श्री अवि प्रसाद की ओर प्रेषित की जाती है। कलेक्टर श्री प्रसाद द्वारा जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने सहित प्रसव के रेफरल प्रकरणों की निरन्तर समीक्षा की जा रही है।
नही की नियमानुसार जांचें
विगत दिवस स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान विगत 17 जुलाई को जिले के सी.एच.सी बहोरीबंद के चिकित्सा अधिकारी व नर्सिंग आफिसर सहित उपस्वास्थ केन्द्र सिहुडी में पदस्थ सी.एच.ओ एवं ए.एन.एम द्वारा गर्भवती महिला को प्रसव हेतु जिला चिकित्सालय रिफर करना सही नहीं पाया गया। गर्भवती महिलाओं की एएनसी के दौरान नियमानुसार एक भी जांचें नही किये जाने को हीलाहवाली एवं कर्तव्यों के प्रति उदासीनता का द्योतक के साथ ही बेवजह रूप से प्रसव के प्रकरण को रेफर करना भी जिम्मेदारी से बचना मानते हुए कलेक्टर श्री प्रसाद द्वारा गहन नाराजगी व्यक्त की जाकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को संबंधित स्वास्थ्य कर्मियों को कारण बताओं नोटिस जारी करनें के निर्देश दिए है।
इन चार स्वास्थ्य कर्मियों को जारी हुआ कारण बताओ नोटिस
कलेक्टर श्री प्रसाद के निर्देश के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा उक्त चारों स्वास्थ्य कर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाकर दो दिवस में स्पष्टीकरण तलब किया गया है। जिन स्वास्थ्य कर्मियों को स्पष्टीकरण जारी किया गया है उनमें सी.एच.सी बहोरीबंद ब्लॉक बहोरीबंद के चिकित्सा अधिकारी डॉ सौरभ यादव तथा नर्सिंग आफिसर मीनाक्षी पिल्लै एवं उपस्वास्थ्य केन्द्र सिहुडी की ए.एन.एम अन्नशीला कुजूर व सी.एच.ओ निधि नामदेव का नाम शामिल है। इन्होनें ए.एन.सी के दौरान गर्भवती महिलाओं की एक भी जाचें नहीं की थी तथा जिला चिकित्सालय द्वारा गर्भवती महिलाओं को प्रसव हेतु रेफर किया जाना सही नहीं बताया गया।
कलेक्टर श्री प्रसाद ने कहा कि हम सबको जिंदगी बचाने का दायित्व नियति और सौभाग्य से मिला है। इसलिए आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने की दिशा में सीमित संसाधनों के बाद भी बेहतर और कारगर प्रयास किये जाने चाहिए। स्वास्थ्य के मामले में जीरो टालरेंस की नीति पर अमल सुनिश्चित किया जाये।
