रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। जिला मुख्यालय नर्मदापुरम की नगर पालिका परिषद में मनमानी का दौर इस कदर हावी है कि अब पार्षद पति भी अपने रसूख का उपयोग करते हुए मनमानी पर उतर आए हैं। जिसका खुलासा उस वक्त हुआ जब एक मामले में मुख्य इतवारा बाजार इंदिरा चौक रोड,पानी की टंकी के सामने के दुकानदारों ने कलेक्टर सहित नगरपालिका अध्यक्ष, सीएमओ सहित नगर दंडाधिकारी को आवेदन देकर अवगत कराया कि हमारी दुकानों की लाइन पर दुकान क्रमांक 106 पर वार्ड क्रमांक 32 की पार्षद श्रीमती सिमरन रैकवार के पति अभिषेक रैकवार एवं देवर राजा रैकवार काबिज होकर 8 से 10 माह पूर्व दुकान को पीछे से अवैधानिक रूप से बिना अनुमति के तोड़कर दुकान को लगभग दो-तीन फीट पक्का निर्माण कर बढ़ा लिया गया है।
साथ ही दुकान के पीछे 3 से 4 फीट चौड़ा पक्का आरसीसी चबूतरा बनाकर प्राकृतिक ढाल के हिसाब से पानी के बहाव को रोक दिया गया है। जिसके कारण बारिश का पानी सहित पीछे जिला अस्पताल की जमीन पर अवैध रूप से रह रहे टपरिया वालों के लैट्रिन का गंदा पानी हम लोगों की दुकान के अंदर भरा रहा है। जिससे हमारे यहां दुकानों पर रखी इलेक्ट्रॉनिक मशीन और दूसरे महंगे सामान खराब हो रहे है। अवैध अतिक्रमण को हटाए जाने के लिए आवेदन देने वाले पीड़ित दुकानदारों में सीताशरण पांडे , सुनील चौरे, मनीष राठौर, मोहम्मद हनीफ, गोपाल खंडेलवाल आदि प्रमुख हैं। शिकायत मिलने के उपरांत नगर पालिका सीएमओ द्वारा
कब्जा धारी दुकानदार अभिषेक रैकवार के नाम पर नोटिस जारी कर दो दिवस में अवैधानिक निर्माण तोड़कर सूचना देने को निर्देशित किया अथवा वैधानिक कार्यवाही की चेतावनी भी दी गई। बाजार के दुकानदारों की गंभीर समस्या को लेकर आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष राजेंद्र मालवीय ने कलेक्टर सहित नगर दंडाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर वार्ड 32 की के पार्षद पति द्वारा किए गए नियम विरुद्ध अनैतिक कार्य पर त्वरित निराकरण सहित कार्यवाही की मांग की है। आप पार्टी जिला अध्यक्ष श्री मालवीय ने कलेक्टर को दिया ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया गया है कि जनहित में ऐसी कार्यों को दृष्टिगत रखते हुए समस्या का निराकरण कराया जाए और पार्षद पति अभिषेक रैकवार द्वारा नगरपालिका की दुकानों में जो नियम विपरीत तोड़कर शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर करीब दुकान को 3 फीट बढ़ाया गया है और आरसीसी का चबूतरा बनाकर बारिश के प्राकृतिक पानी को और गंदे पानी को रोका गया है जिसका समाधान कराया जावे अथवा आम आदमी पार्टी आंदोलन को बाध्य होगी जिसकी पूरी जवाबदारी नगर पालिका प्रशासन और जिला प्रशासन की होगी । वही सूत्र बताते हैं कि पार्षद पति अभिषेक रैकवार का नगर पालिका में कंप्यूटर मेंटेनेंस का कार्य भी चलता है। जांच हो तो बड़े मामले के खुलासे से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। दूसरी तरफ विभागीय सूत्रों का मानना है कि नगर पालिका में जनप्रतिनिधि के रूप में पार्षद या उनके परिजन किसी भी प्रकार का ठेका अथवा आर्थिक लाभ का कार्य नहीं कर सकते हैं, फिर यहां तो रसूख का खुला उपयोग हो रहा है तो कैसे ? जिसकी गंभीरता से जांच होना चाहिए। क्या जनप्रतिनिधि पार्षद पति और अन्य परिजन किसी भी प्रकार का आर्थिक लाभ लेने का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से लाभ लेने पर जांच के बाद वैधानिक कारवाई हों सकती है? अतः जनहित में आर्थिक लाभ लेने वालो के खिलाफ नपा प्रशासन को वैधानिक कारवाई जांच के बाद करना चाहिए।


