रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम । जिला मुख्यालय
पर प्रति मंगलवार को आयोजित होने वाली कलेक्टर की जनसुनवाई में निरंतर विभिन्न प्रकार की शिकायते, प्रताड़ना सहित गंभीर मामले पहुंचते हैं जो यह बताते हैं कि जमीनी स्तर पर आम आदमी कितना परेशान हैं। ऐसे परेशान लोगों को कलेक्टर की जनसुनवाई से ही आस बची हुई है। यहां आम आदमी की जनसुनवाई कलेक्टर के सामने जमीनी हकीकत लेकर भी पहुंचती है। आज मंगलवार को कलेक्टर नीरज कुमार सिंह की जनसुनवाई में होम गार्ड से सेवानिवृत्त सैनिक महाराज सिंह पिता जीवन सिंह राजपूत मूलनिवासी सिलारी बाबई अपनी धर्मपत्नी शोभा राजपूत के साथ कलेक्टर के समक्ष उपस्थित होकर इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी। यह सुनकर कलेक्टर अचंभित रह गए जिस पर सेवानिवृत्त होमगार्ड सैनिक ने बताया कि डिस्टिक कमांडेंट होम गार्ड द्वारा 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर 6 अप्रैल 2023 को मुझे सेवानिवृत्त कर दिया है मेरी सेवा अवधि 40 वर्ष 5 माह 24 दिन दर्शाई गई है। सेवानिवृत्ति पर ना तो मुझे अंशदान न ही ग्रेजुएटी पेंशन या किसी प्रकार का आर्थिक लाभ विभाग से नहीं दिया गया है। ऐसी स्थिति में मेरे सामने आज जीवन यापन का संकट उत्पन्न हो गया है । ना तो मेरे नाम पर कोई स्वयं का आवास है, ना कोई जमीन है ऐसी स्थिति में उदर पोषण कि मेरे पास कोई सहारा नहीं बचा है। इन परिस्थितियों में मुझे और मेरी पत्नी दोनों को इच्छा मृत्यु की अनुमति के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है क्योंकि अब हमारे पास जीवन यापन के लिए आर्थिक साधन की कोई स्थिति निर्मित नहीं है। कलेक्टर द्वारा उक्त मामले की सुनवाई एडीएम मनोज ठाकुर को दी गई जिनके द्वारा अवगत कराया गया कि हम इच्छा मृत्यु की अनुमति नहीं दे सकते हैं आप होमगार्ड कार्यालय जाकर ही अपनी पीड़ा व्यक्त करें। कलेक्टर की जनसुनवाई में इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगने पहुंची होमगार्ड सेवानिवृत्त सैनिक की धर्मपत्नी शोभा राजपूत ने बताया कि उनके पति के पास जीवन यापन के लिए आर्थिक साधन की कोई व्यवस्था नहीं है। हमारे पास स्वयं का रहवास के लिए मकान भी नहीं है। मेरे पति को सेवानिवृत्ति उपरांत कोई भी आर्थिक सहायता, पेंशन विभाग द्वारा नहीं दी गई है। जिससे अब हमारा जीवन यापन करना कठिन हो गया है पति बीमार रहते हैं, ऐसी स्थिति में अब हम कैसे अपने परिवार का पति पत्नी का परिवार पालन पोषण करेंगे इन परिस्थितियों में हमें इच्छामृत्यु दी जाए।
