सीमा कैथवास की रिपोर्ट
नर्मदापुरम। आज 5 मार्च को प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान जी का जन्मदिन पूरा प्रदेश मना रहा है और उनके लगातार दो वर्ष से पर्यावरण संरक्षण के तहत पौधरोपण अभियान चलाकर पृथ्वी को बचाने के लिए, संरक्षण करने के लिए हजारों पौधे लगाए जा रहे है इसके विपरीत जिला मुख्यालय नर्मदापुरम पर पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस के बाजू से अवैध रूप से हरे भरे पेड़ काटे जा रहे हैं और जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी सूखी लकड़ियां है कहकर हरे भरे पेड़ों को कटते देख रहे हैं । सूत्रों की माने तो जिला प्रशासन के जिम्मेदार कर्मचारी संरक्षण दे रहे हैं इन लकड़ी माफियाओं को जो सूखी लकड़ी की आड़ में हरे भरे पेड़ों को काटने से शहर के बीचो-बीच शासकीय रेस्ट हाउस से काटने में भी बाज नहीं आ रहे हैं ।
आखिर इस प्रकार की गतिविधियों को किसका संरक्षण है जो खुलेआम दिनदहाड़े सूखी लकड़ियों की आड़ में हरा पेड़ काट कर ले जाते हुए मीडिया के माध्यम से देखा गया जो कि प्रदेश के मुखिया के पौधरोपण को पर्यावरण को संरक्षण देने के अभियान को धता बता रहे हैं। क्या इन जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े नहीं करते हैं जो कहते हैं कि सूखी लकड़ियां हमने ले जाने दे रहे हैं। जबकि हरा पेड़ कट गया और जिम्मेदार अधिकारी के बंगला की दीवार से लगे पीडब्ल्यूडी रेस्ट की फेंसिंग से हरा भरा पेड़ रातों रात,दिनदहाड़े काट लिया गया और उन्हें पता भी नही चला ! सालो पुराने हरे भरे पेड़ को कोन लकड़ी माफिया काट ले गया का भी संबंधित अधिकारी के बंगले से लगी बाउंड्रीवॉल ले गए पता भी नहीं चला कौन लकड़ी माफिया काट कर चला गया?? पीडब्ल्यूडी विभाग के जिम्मेदार अधिकारी श्री पाठक जी से कॉल पर बात हुई तो उन्होंने बताया कि वे ऑफिशियल कार्य से भोपाल में है और उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां यदि हो रही है तो हम जरूर इस पर कारवाई कराते है और हमने संबंधित थाना को सूचित कर दिया है कि जिन लोगों ने भी यह हरे पेड़ काटने की गतिविधि को किया है कार्रवाई करने का आश्वासन भी दिया। और बताया की पीडब्ल्यूडी के टाइम कीपर कर्मचारी को सम्बन्धित स्पॉट पर भेजा है। पुलिस को भी सूचना दी गई है। वही अभी पुलिस संबंधित पेड़ की कटाई के स्थान पर नहीं पहुंची है। संबंधित घटनाक्रम को मीडिया ने अपने कैमरे में किया कैद जिससे आसपास मचा हड़कंप…। अब देखते है की हरे भरे पेड़ की कटाई के मामले में जिम्मेदार जांच के बाद क्या वैधानिक कारवाई करते है? वही सोसल मीडिया पर वीडियो हुआ वायरल, मची अफरातफरी।
