सीमा कैथवास की रिपोर्ट
नर्मदापुरम । सोहागपुर वन परिक्षेत्र के अन्तर्गत बागरा तवा के जंगल में बेशकीमती सागौन की अवैध कटाई के मामले की खबर को मीडिया ने प्रमुखता से उजागर कर पहले ही जंगल में ड्यूटी करने वाले वनरक्षकों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए कि कैसे 24 घंटे वनों में वनरक्षको की डियूटी लगी होने के बावजूद जंगल में सागौन के वृक्षों पर खुलेआम कुल्हाड़ी चलाई जा रही है? इस पूरे मामले को MP News Cast वेब पोर्टल की खबर के माध्यम से उठाया गया था। मामले को जिला के कर्तव्यनिष्ठ कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने भी गंभीरता से लिया था। वही वन परीक्षेत्र अधिकारी एसडीओ रचना शर्मा द्वारा 29 जनवरी को अवैध परिवहन करते अपराधी बबलू निवासी बागरा तवा को सागौन की चरपट सहित सांभर के दो सिंग को परिवहन करते मोटरसाइकिल के साथ पकड़ा था । इस मामले को मीडिया द्वारा प्रमुखता से उजागर किया था कि जंगल में डियूटी करने वाले वनरक्षकों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए थे और आशंका जाहिर की थी कि पूरा खेल मिलीभगत में ही चल रहा है । वहीं एसडीओ द्वारा आरोपी
बबलू का न्यायालय से 11 दिन का पीआर लिया गया था और जांच रिपोर्ट तैयार कर वन मंडल अधिकारी को सौंपी थी। वही वन मंडल अधिकारी ने जांच में उत्तर बागरा में अवैध कटाई के 26 सागौन के ठूठ मौके पर पाए जाने पर वनरक्षक अशोक पटेल को कर्तव्य में लापरवाही बरतने के चलते मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम 1966 तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है ।
इसी प्रकार सोहागपुर वन परीक्षेत्र सामान्य सोहागपुर बीट गार्ड पूर्व महेंद्र बाड़ी की भूमिका भी संदिग्ध पाए जाने के चलते एसडीओ फॉरेस्ट के प्रतिवेदन के आधार पर वनरक्षक राहुल कौशल को भी मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम 1966 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है । जिसके बाद से वन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। सूत्रों की माने तो कुछ अन्य गंभीर मामले भी जल्द सामने आ सकते हैं । फिलहाल विभाग में अंदरूनी बवाल मचा हुआ है।
