कटनी वन परिक्षेत्र अंतर्गत अतिक्रमण संबंधी विषयों पर गंभीरता पूर्वक कार्यवाही करें, पुराने खसरों से नये खसरों के संबंध में वन विभाग अपने खसरा नंबरों की सूची भू अभिलेख शाखा में उपलब्ध करावें साथ आर.एफ. एवं पी.एफ नोटिफिकेशन की जानकारी हेतु वन विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस अधिकारियों वकील एवं आदिवासी नायकों की बैठक आयोािजत कर ट्रेनिंग प्रदान करने के निर्देश कलेक्टर अवि प्रसाद द्वारा वन एवं वन्यप्राणी अपराधों पर अंकुश लगाने एवं हेतु शुक्रवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित नवीन सभा कक्ष में दोपहर 01ः30 बजे से आयोजित बैठक के दौरान दिए
बैठक में पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार जैन एवं वनमंडल अधिकारी गौरव शर्मा, एस.डी.एम कटनी प्रिया चंद्रावत, तहसीलदार प्रियंका नेताम, एस.एल.आर रूपेश रतन सिंह, राजस्व निरीक्षक अनिल सिंह, डव्ल्यू आर.डी कटनी संभाग संतोष मंगलानी सहित रेंजर एस.के. मिश्रा, विवेक कुमार जैन, जी.एन.शुक्ला, कृष्ण दास मीणा सहित अन्य अधिकारियों की की उपस्थिति की उपस्थिति रही।
कलेक्टर अवि प्रसाद ने जनघायल, पशुहानि, जनहानि तथा फसलहानि के प्रकरणों पर त्वरित कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया। बंदरों की शिकायत निराकरण के संबंध मे एवं पंचायतों को प्राप्त राशि से बंदर पकड़वाने के विषय में चर्चा की जाकर वृहत स्तर पर बंदर पकड़ने की कार्यवाही करनें के निर्देश कलेक्टर अवि प्रसाद द्वारा दिए गए
बैठक में वन मंडल अधिकारी श्री शर्मा ने अवगत कराया कि शासन निर्देशानुसार प्रत्येक माह टास्क फोर्स की बैठक आयोजित कर आपस में समन्वय स्थापित कर समस्याओं का निराकरण किया जाना है। आपने जानकारी देते हुए बताया कि कटनी जिले का कुल 28 प्रतिशत भाग वन क्षेत्र में आता है जो कि 1280 किलोमीटर में फैला है। इसमे राजस्व विभाग की वन भूमि अलग है।
टास्क फोर्स की बैठक में वन मंडल अधिकारी श्री शर्मा द्वारा नगर वन योजना के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई। इस दौरान कलेक्टर अवि प्रसाद ने कहा कि सुर्खी जलाशय पूर्व से ही लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। नगर वन योजना के अंतर्गत नगर के 10 किलोमीटर तक विकास कार्य कराये जा सकते है सुर्खी टेंक के पास विकास की संभावनांए भी है। विकल्प के रूप मे नगर वन की परियोजना बनाए जाने हेतु राजस्व अधिकारियों को सहयोग प्रदान करने के निर्देश दिए। बैठक मे वन ग्राम से रजस्व ग्राम में संपरिवर्तन पर चर्चा की जाकर प्राप्त प्रस्ताव, सर्वे आदि की जानकारी ली जाकर अब तक की गई कार्यवाही का अवलोकन कर कार्यवाही में गति प्रदान करने हेतु निर्देशित किया गया।
से प्राप्त हुई भूमि के संबंध में 1993 मे लैण्ड बैंक के अनुसार फारेस्टर लाइन मे डायवर्ट होने के पश्चात 900 हेक्टेयर का क्षेत्र शेष होने की जानकारी प्रदान की गई। साथ ही किसी राजस्व भूमि में वृक्षारोपण किया जाना हो तो उसकी जानकारी प्रदान प्रदान करने के निर्देश दिए गए
