रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। कलेक्टर श्री आशीष वशिष्ठ के निर्देशानुसार सीवरेज परियोजना के तहत पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों के रेस्टोरेशन (पुनर्स्थापन) कार्यों की गुणवत्ता एवं वास्तविक स्थिति की जांच के लिए 11 जांच दल गठित किए गए हैं। इन दलों में 22 अधिकारियों को वार्डवार निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जांच दलों के साथ नगर पालिका के अमले को भी संलग्न किया गया है, जो निरीक्षण कार्य में आवश्यक सहयोग प्रदान करेगा। गठित जांच दलों द्वारा शहर के विभिन्न वार्डों में पहुंचकर सड़कों के रेस्टोरेशन कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में कई स्थानों पर सड़क पुनर्स्थापन का कार्य निर्धारित गुणवत्ता एवं मापदंडों के अनुरूप नहीं पाया गया है। जांच में सामने आया है कि संबंधित कंपनी द्वारा रेस्टोरेशन कार्य में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया तथा कुछ स्थानों पर कार्य में लापरवाही भी बरती गई है। इसके अलावा स्थानीय रहवासियों से प्राप्त फीडबैक में भी कंपनी के कार्यों को लेकर असंतोष सामने आया है। कलेक्टर श्री वशिष्ठ के निर्देश पर जांच दल उन सभी वार्डों में सड़कों की स्थिति का परीक्षण कर रहे हैं, जहां सीवरेज परियोजना के अंतर्गत पाइपलाइन बिछाने का कार्य किया गया है। अधिकारी मौके पर सड़क की भौतिक स्थिति, रेस्टोरेशन की गुणवत्ता एवं निर्धारित मापदंडों के पालन की जांच करने के साथ ही स्थानीय रहवासियों से फीडबैक भी प्राप्त कर रहे हैं। जांच दलों को दो दिवस के भीतर निरीक्षण संबंधी रिपोर्ट परख पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी वार्डों में जांच पूरी होने के बाद प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर सड़कों के रेस्टोरेशन कार्यों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
उल्लेखनीय है कि गत दिवस कलेक्टर आशीष वशिष्ठ ने एमपीयूडीसी की समीक्षा बैठक के दौरान सीवरेज परियोजना के कार्य पूर्ण होने के बाद सड़कों के पुनर्स्थापन की गुणवत्ता की जांच कराने के निर्देश दिए थे। इसी के परिपालन में जांच दलों का गठन कर वार्डवार निरीक्षण कराया जा रहा है।


