संभागीय उड़नदस्ता उपायुक्त ने छिंदवाड़ा एवं पांढुर्णा के आबकारी अधिकारियों, कर्मचारियों और मदिरा अनुज्ञप्तिधारियों की बैठक लेकर दिए आवश्यक निर्देश,*
*दुकानों के संचालन एवं मदिरा के भंडार पर व्यक्तिगत निगरानी रखने को कहा*

पांढुर्णा, 2 नवंबर 2026/ जहरीली एवं नकली मदिरा के निर्माण, संग्रहण, परिवहन एवं विक्रय पर प्रभावी रोकथाम तथा आमजन को सुरक्षित एवं वास्तविक मदिरा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आबकारी विभाग द्वारा निगरानी एवं प्रवर्तन कार्रवाई तेज की जा रही है। इसी क्रम में उपायुक्त आबकारी, संभागीय उड़नदस्ता, जबलपुर संभाग द्वारा छिंदवाड़ा एवं पांढुर्णा जिले के आबकारी अधिकारियों, कर्मचारियों तथा मदिरा अनुज्ञप्तिधारियों की अलग-अलग बैठकें लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक के प्रथम चरण में दोनों जिलों के कार्यपालिक आबकारी अमले को अवैध मदिरा के निर्माण, संग्रहण, परिवहन एवं विक्रय पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सतर्कता एवं सक्रियता के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इसमें मंडल एवं वृत्त प्रभारियों, सहायक जिला आबकारी अधिकारियों तथा आबकारी उपनिरीक्षकों को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में नियमित निगरानी रखने एवं अवैध गतिविधियों की जानकारी मिलने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया।
इसके पश्चात आबकारी मुख्य आरक्षकों एवं आबकारी आरक्षकों की बैठक लेकर मैदानी स्तर पर नियमित गश्त, संदिग्ध स्थानों की निगरानी तथा सूचना प्राप्त होने पर तत्काल कार्रवाई करने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में जहरीली एवं नकली मदिरा की पहचान के लिए मदिरा की वास्तविकता का परीक्षण करने को महत्वपूर्ण बताया गया। जब्त की गई मदिरा के होलोग्राम पर अंकित क्यूआर कोड को स्कैन कर उसकी प्रामाणिकता का सत्यापन करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि मदिरा की जांच के दौरान क्यूआर कोड की स्कैनिंग एवं सत्यापन की प्रक्रिया का अनिवार्य रूप से पालन करें, जिससे संदिग्ध मदिरा की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
बैठक के अगले चरण में दोनों जिलों के मदिरा अनुज्ञप्तिधारियों के साथ चर्चा की गई। उन्हें मदिरा के होलोग्राम पर अंकित क्यूआर कोड की उपयोगिता, उसकी स्कैनिंग एवं सत्यापन की प्रक्रिया के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। अनुज्ञप्तिधारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपनी मदिरा दुकानों के संचालन में व्यक्तिगत रुचि लें तथा दुकानों में उपलब्ध मदिरा के भंडार, गुणवत्ता एवं प्रामाणिकता पर नियमित निगरानी रखें। किसी भी स्थिति में नकली अथवा संदिग्ध मदिरा का विक्रय नहीं होना चाहिए। मदिरा के होलोग्राम एवं क्यूआर कोड की जांच को गंभीरता से लेते हुए किसी भी संदिग्ध स्थिति की जानकारी तत्काल आबकारी विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में अवैध मदिरा के निर्माण, परिवहन एवं विक्रय से संबंधित सूचनाओं के आदान-प्रदान तथा इसकी रोकथाम के लिए विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों एवं मदिरा अनुज्ञप्तिधारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर चर्चा की गई। इस दौरान अनुज्ञप्तिधारियों द्वारा प्रस्तुत समस्याओं एवं सुझावों को भी सुना गया तथा उनके निराकरण के लिए आवश्यक विभागीय समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि अवैध एवं नकली मदिरा की रोकथाम के लिए विभागीय अमले के साथ-साथ मदिरा अनुज्ञप्तिधारियों की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। सभी संबंधित पक्षों को सतर्कता एवं आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए। आबकारी विभाग द्वारा जहरीली, नकली एवं अवैध मदिरा के निर्माण, संग्रहण, परिवहन तथा विक्रय पर रोक लगाने के लिए नियमित निगरानी, विशेष अभियान एवं प्रवर्तन कार्रवाई निरंतर जारी रखी जाएगी।


