रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। जिले में नरवाई प्रबंधन को प्रभावी बनाने तथा खेतों में फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी एवं कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर आशीष वशिष्ठ के निर्देशानुसार सिवनीमालवा तहसील सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में ड्रोन के माध्यम से नरवाई जलाने की घटनाओं की निगरानी की जा रही है। राज्य स्तरीय टीम द्वारा भी प्रदेशभर में ड्रोन के जरिए सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। इसी क्रम में नायब तहसीलदार सिवनीमालवा आलोक भद्र के नेतृत्व में राजस्व एवं कृषि विभाग के संयुक्त दल ने ग्राम भांगिया एवं आसपास के गांवों में ड्रोन से निगरानी की। इस दौरान ग्राम भांगिया में मक्का फसल के अवशेष जलाने का मामला सामने आया। जांच में पाया गया कि संबंधित भूमि के भूमिस्वामी ओमप्रकाश यदुवंशी पिता रामसिंह यदुवंशी द्वारा शासन के नरवाई प्रबंधन संबंधी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए अनुविभागीय अधिकारी एवं दंडाधिकारी सिवनी मालवा विजय राय द्वारा संबंधित कृषक के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर जुर्माना अधिरोपित करने की कार्रवाई की गई। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सिवनी मालवा तहसील सहित संपूर्ण जिले में ड्रोन के माध्यम से नरवाई जलाने की घटनाओं की निगरानी की जाएगी। नरवाई प्रबंधन के लिए जारी प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। कलेक्टर आशीष वशिष्ठ ने सभी कृषक बंधुओं से अपील की है कि वे खेतों में नरवाई अथवा पराली न जलाएं। नरवाई जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होता है तथा मिट्टी के पोषक तत्वों और लाभकारी सूक्ष्मजीवों को नुकसान पहुंचता है। यह शासन के प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन भी है, जिस पर दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।किसान नरवाई के उचित प्रबंधन के लिए मल्चर, बेलर सहित अन्य आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग करें और फसल अवशेषों का सुरक्षित एवं पर्यावरण अनुकूल निपटान सुनिश्चित करें।


