कटनी नवीन शैक्षणिक सत्र 2026-27 में छात्रावासों, आश्रमों एवं आवासीय संस्थाओं के संचालन में गुणवत्ता, अनुशासन और विद्यार्थियों की सुविधाओं को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बुधवार को जिला पंचायत के सभाकक्ष में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती हर सिमरनप्रीत कौर की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं छात्रावास अधीक्षक-अधीक्षिकाओं को निर्देशित किया कि विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ, सुविधायुक्त एवं सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता हो। सभी आवश्यक व्यवस्थाएं गुणवत्तापूर्ण ढंग से नियमित रूप से संचालित की जाएं तथा व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
जिला पंचायत सीईओ श्रीमती कौर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि छात्रावास अधीक्षक एवं अधीक्षिकाओं का संबंधित छात्रावास में निवास करना तथा रात्रि विश्राम करना अनिवार्य है। निर्देशों का पालन नहीं करने पर संबंधित के विरुद्ध दायित्व से मुक्त करने सहित नियमानुसार आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि छात्रावासों में विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, शत-प्रतिशत नामांकन तथा उनकी शैक्षणिक प्रगति पर विशेष ध्यान दिया जाए। विद्यार्थियों के अनुत्तीर्ण होने अथवा उनके बार-बार घर चले जाने की प्रवृत्ति सामने आने पर कारणों की समीक्षा कर संबंधित अधीक्षक की जवाबदेही निर्धारित की जाए और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
श्रीमती कौर ने निर्देशित किया कि विद्यार्थियों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण नाश्ता एवं भोजन उपलब्ध कराया जाए। भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और नियमितता पर सतत निगरानी रखी जाए। छात्रावास संचालन में पालकों की सहभागिता बढ़ाते हुए उनके सुझावों को गंभीरता से लिया जाए तथा आवश्यक सुधार किए जाएं, ताकि पालकों का संस्थाओं के प्रति विश्वास मजबूत हो और वे अपने बच्चों की शिक्षा एवं आवासीय व्यवस्था को लेकर आश्वस्त रहें। उन्होंने छात्रावासों में विद्यार्थियों के स्वास्थ्य एवं सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर देते हुए स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने और प्रत्येक विद्यार्थी का स्वास्थ्य कार्ड संधारित करने के निर्देश दिए। विद्यार्थियों के शारीरिक व्यायाम, मानसिक स्वास्थ्य, खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को भी नियमित रूप से प्रोत्साहित करने को कहा। साथ ही कक्षों, शौचालयों, स्नानागारों, बिस्तरों एवं पेयजल सहित सभी मूलभूत सुविधाओं की पर्याप्तता, स्वच्छता और नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिला पंचायत सीईओ ने छात्रावासों में उपलब्ध फर्नीचर एवं उपकरणों के संधारण, आवश्यक मरम्मत, खेल सामग्री, सांस्कृतिक गतिविधियों, शैक्षणिक भ्रमण तथा आकस्मिक व्यय से संबंधित राशि का नियमानुसार उपयोग करने और उसका समुचित अभिलेख संधारित रखने पर भी जोर दिया। उन्होंने निर्देशित किया कि छात्रावासों में कार्यरत अनियमित कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य रूप से कराया जाए। व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा और प्रभावी निगरानी के लिए जिला अधिकारियों को निर्धारित दिवस पर प्रत्येक माह छात्रावास अधीक्षकों की बैठक आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में जिला संयोजक श्री विमल चौरसिया ने विभागीय योजनाओं एवं गतिविधियों की जानकारी से जिला पंचायत सीईओ को अवगत कराया। इस अवसर पर माता शबरी आवासीय शासकीय कन्या शिक्षा परिसर के प्राचार्य, वीरांगना रानी दुर्गावती, राजा शंकर शाह-रघुनाथ शाह, सीनियर पोस्ट मैट्रिक बालक एवं अनुसूचित जाति सीनियर छात्रावासों के अधीक्षक-अधीक्षिकाओं सहित संबंधित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
जिला पंचायत सीईओ श्रीमती कौर ने निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल देते हुए कहा कि छात्रावास एवं आवासीय संस्थाएं केवल रहने की व्यवस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक, शारीरिक एवं मानसिक विकास का महत्वपूर्ण आधार हैं। अतः प्रत्येक अधिकारी एवं अधीक्षक अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं, सुरक्षित वातावरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अनुकूल माहौल मिल सके।


