MP NEWS CAST | धर्म एवं आस्था | 11 अक्टूबर 2026
शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व आज, 11 अक्टूबर 2026 से प्रारंभ हो गया है। नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जाती है। मंदिरों और घरों में श्रद्धालु कलश स्थापना कर माता रानी की आराधना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां शैलपुत्री की उपासना शक्ति, साहस, धैर्य और मन की स्थिरता का प्रतीक मानी जाती है।
स्नान और संकल्प:
सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूजा स्थल को साफ करें।
कलश स्थापना: परंपरा के अनुसार शुभ मुहूर्त में विधिपूर्वक कलश स्थापित करें।
माता की स्थापना: मां दुर्गा या मां शैलपुत्री की तस्वीर अथवा प्रतिमा स्थापित करें।
पूजन सामग्री: माता को रोली, अक्षत, धूप, दीप, पुष्प और जल अर्पित करें।
मंत्र जाप: मां शैलपुत्री के मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें।
भोग और आरती: माता को फल, मिठाई और परंपरानुसार शुद्ध घी का भोग लगाकर आरती करें।
प्रार्थना: परिवार की सुख-शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए माता से प्रार्थना करें।
ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः॥
माता के इस मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें।
ध्यान मंत्र
वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्।
वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥


