रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। नर्मदा नदी की डोंगरवाड़ा पंचायत की बंद पड़ी ख़र्राघाट रेत खदान पर बेखौफ माफिया द्वारा ट्रैक्टर ट्रालियों से दिनदहाड़े रेत चोरी करवाई जा रही थी। मीडिया द्वारा लाइव वीडियो से खुलासा किए जाने के उपरांत पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा दिनदहाड़े छापामार कार्रवाई कर शुक्रवार 18 सितंबर को रेत से भरी तीन ट्रैक्टर ट्रालियों को पकड़ा गया था। इस दौरान खदान के अंदर मौजूद ट्रैक्टर चालक सहित रेत भरने वाला डोजर भाग खड़े हुए थे। वहीं देहात थाने में खनिज विभाग द्वारा रेत चोरी में पकड़े गए तीनों ट्रैक्टर के मालिक सहित चालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। इसके बाद से पुलिस गारंटी लेने वाले रेत माफियाओ में हड़कंप मच गया है। अवगत हो कि नर्मदापुरम जिला पूर्व की सरकारों से ही पीला सोना कहे जाते रेत के अवैध कारोबार को लेकर सुर्खियों में रहा है। पूर्व में जो रेत चोरी में शामिल होते थे आज वो रसूखदार हो चुके हैं। वही रेत ठेका कंपनी आने के बाद से जहां रेत माफियाओं सहित रेत के अवैध उत्खनन परिवहन पर काफी अंकुश लगा है और प्रदेश सरकार को करोड़ों का राजस्व जिले से प्राप्त हो रहा है। वहीं दूसरी तरफ जिले के कुछ चिन्हित स्थानों पर रसूखदार रेत माफिया आज भी हावी हैं। वही नर्मदापुरम जिला मुख्यालय के नजदीक भोपाल मार्ग पर डोंगरवाड़ा पंचायत के अंतर्गत खर्राघाट जिसे नर्मदा पुलघाट भी बोला जाता है उक्त स्थल रेत माफियाओ का वर्षों से रेत चोरी का पसंदीदा स्थल है। इसी के पास दूसरी तरफ कर्बला बीटीआई भी रेत चोरी का प्रमुख स्थल है। बारिश के इस मौसम में नर्मदा एवं तवा नदी पर रेत उत्खनन पर एनजीटी की रोक लगी हुई है, उसके बावजूद रसूखदार रेत माफिया के संरक्षण में नर्मदा नदी के खर्राघाट की बंद खदान पर ट्रैक्टर ट्रालियों से लोडर के द्वारा निरंतर दिनदहाड़े अवैध खनन की खबर मीडिया द्वारा सामने आने के उपरांत कलेक्टर सोमेश मिश्रा के निर्देशन में पुलिस अधीक्षक साईं कृष्णा एस थोटा द्वारा संयुक्त टीम को कार्यवाही के निर्देश दिए। इसके बाद शुक्रवार 18 सितंबर की दोपहर तहसीलदार सुनील शर्मा, जिला खनिज अधिकारी दिवेश मरकाम, देहात थाना प्रभारी उषा मरावी, ट्रेनी डीएसपी पूजा मैडम सहित पुलिस टीम द्वारा डोंगरवाड़ा खर्रा घाट रेत खदान पर छापामार कार्रवाई की गई। इस दरमियान नर्मदा नदी में करीब 1 किलोमीटर अंदर मौजूद ट्रैक्टर ट्रालियां सहित रेत भरने वाला लोडर भागने में सफल हुए परंतु रेत से भरी तीन ट्रैक्टर ट्रालियों को पकड़ने में सफलता मिली, परंतु ट्रैक्टर चालक भाग गए। सूत्रों की माने तो कार्यवाही के दौरान वहां पर रेत चोरी में सक्रिय ट्रैक्टर ट्रालियों की पुलिस गारंटी लेने वाला रेत माफिया भी मौजूद था।जिसके गुर्गे के ब्रिज के ऊपर वीडियो बना रहे लोगों को भागते हुए मीडिया के कैमरे में कैद भी हुए। यदि घटना के दरमियान सक्रिय मोबाइल नंबरों की डिटेल निकाली जाए तो वह चेहरे भी बेनकाब हो सकते है जो रेत के इस अवैध कारोबार में शामिल है? सूत्रों की माने तो छापामार कार्यवाही की शुरुआती दरमियान पकड़ी गई ट्रैक्टर ट्रालियों को छोड़ने का दबाव भी कुछ लोगों द्वारा बनाया गया था। जिसमे पल्लेपार का एक रसूखदार चेहरा भी शामिल है। आश्चर्य का विषय है कि रेत चोरी में पकड़े गए तीनों ही ट्रैक्टर बिना नंबर के मिले हैं। अब देहात पुलिस के लिए पकड़े गए ट्रैक्टरों के चालकों सहित वाहन मालिकों को पकड़ने की चुनौती है। दूसरी तरफ खनिज विभाग द्वारा शनिवार को तीनों ही ट्रैक्टर ट्रालियों के अज्ञात मालिको सहित वाहन चालक के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कराया गया है। देहात पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बीएनएस 2023 की धारा 303(2) व सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 की धारा 3 के तहत मामला पंजीबद्ध कर जांच में लिया है। अवगत हो कि कलेक्टर के निर्देशन में 4 अगस्त को भी प्रशासन की संयुक्त टीम ने छापामार कार्रवाई की थी। उस दौरान रेत खदान पर जेसीबी मशीन से गड्ढे खोदकर रास्ता अवरोध किया गया था परंतु बेखौफ रेत माफिया रात में ही फिर से वहां सक्रिय हो गए थे। बड़ा सवाल है कि इन माफियाओं को किन रसूखदार नेताओं का संरक्षण है, जो मां नर्मदा को छलनी करने में भी बेखौफ हैं? आखिर कौन रसूखदार रेत माफिया के संरक्षण में अवैध खनन लगातार चल रहा है पर भी कार्रवाई होनी चाहिए? और जिसकी संपत्ति की भी जांच की मांग की जा रही है?


