मध्यप्रदेश वर्ष 1956 में बना। वर्ष 2002-03 तक प्रदेश में जिनकी सरकार रही, वे आज विद्यार्थियों के हित की बात करने आ रहे हैं, मैं उनका भी स्वागत करता हूं। हमारे बच्चे दूध का दूध और पानी का पानी समझते हैं और ये तो प्रदेश के टॉपर बच्चे हैं।
वर्ष 2002-03 में स्कूल शिक्षा का बजट करीब ₹2,600 करोड़ था, जबकि आज हमारी सरकार ने इसे बढ़ाकर ₹38,000 करोड़ कर दिया है। फर्क साफ है, दशकों में जितना बजट स्कूल शिक्षा को मिला, उससे कई गुना अधिक संसाधन आज शिक्षा के लिए उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
आज मध्यप्रदेश का बजट ₹4.38 लाख करोड़ है। हमारी सरकार शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए लगातार काम कर रही है।
– *डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री*


