रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। नगर पालिका परिषद नर्मदापुरम में पूर्व परिषद के कार्यकाल में प्रधानमंत्री आवास योजना में हुए भ्रष्टाचार के मामले में कमिश्नर कार्यालय स्थित नगरीय प्रशासन के संभागीय कार्यालय में संयुक्त संचालक के समक्ष भोपाल से आए जांच दल द्वारा मामले में आरोपित तत्कालीन नगर पालिका अधिकारी CMO सहित उपयंत्री,लेखापाल इत्यादि से बंद कमरे में कथन लिए हैं। सूत्रों की माने तो पिछले दो दिनों से उक्त जांच चल रही हैं, जिसमें भोपाल से आई जांच टीम द्वारा कथन लिए जा रहे हैं और साक्ष्य मांगे गए जा रहे हैं। वहीं जांच दल द्वारा बयान की खबर से नगर पालिका में भी खासी हलचल देखी गई। वहीं भोपाल से आए जांच दल द्वारा बंद कमरा जांच और कथन लिए जाने के संबंध में नगरीय प्रशासन संयुक्त संचालक राजकुमार इवनाती द्वारा फोन नहीं उठाए जाने से वास्तविक स्थिति सामने अभी नहीं आ पाई है कि जांच में आरोपित अधिकारी कर्मचारियों ने क्या दस्तावेज दिए हैं अथवा क्या कथन दिए हैं? अवगत हो कि प्रधानमंत्री आवास योजना में भ्रष्टाचार का उक्त मामला विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा द्वारा विधानसभा में दिसंबर 2024 में उठाया गया था। जिसमें अवगत कराया गया था कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्धारित 2.50 लाख रुपए की राशि से ज्यादा 3 से 8 लाख रुपए तक करीब 30 व्यक्तियों को दिए गए हैं।इसके बाद नगरीय प्रशासन मंत्री द्वारा अवगत कराया गया था कि नगर पालिका परिषद नर्मदापुरम द्वारा 45 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के अंतर्गत 2.50 लाख रुपए से अधिक की राशि जारी की गई है। उक्त मामले में उत्तरदायी अधिकारी कर्मचारियों को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है और वसूली के निर्देश दिए हैं। वहीं सूत्रों की माने तो उक्त मामले में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष का भी नाम शामिल है। फिलहाल प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी में हुए भ्रष्टाचार के संबंध में वर्ष 2021 से चल रही जांच में आगे क्या होता है? यह चर्चा का विषय बना हुआ है। वही एक बार फिर प्रधानमंत्री आवास शहरी योजना मामले में जांच की तेज हुई गति से खासी हलचल देखी जा रही है। बताया जाता है कि जांच दल के समक्ष संभागीय कार्यालय में दो फोर व्हीलरों से मामले में उलझे तत्कालीन सीएमओ सहित अधिकारी कर्मचारी अपने बयान देने पहुंचे थे।


