सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि सीवर लाइन बंद होने के बावजूद सेप्टिक टैंकों से सीवर लाइन तक पाइप जोड़ने का काम किया जा रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सीवर लाइन ही बंद है, तो सेप्टिक टैंक का गंदा पानी आखिर जाएगा कहां?
अगर सीवर लाइन में निकासी नहीं है, तो आने वाले दिनों में सेप्टिक टैंकों का पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर बहने की आशंका है। इससे सड़क पर गंदगी और दुर्गंध फैलने के साथ-साथ जलभराव एवं संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है।
नगर निगम के अधिकारियों से सीधा सवाल
जब सीवर लाइन चालू नहीं है, तो सेप्टिक टैंक का कनेक्शन किस आधार पर जोड़ा जा रहा है?
क्या जिम्मेदार अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया है?
क्या पाइप फिटिंग से पहले सीवर लाइन की क्षमता और निकासी व्यवस्था की जांच हुई है?
और अगर लाइन बंद है, तो सेप्टिक टैंक का पानी कहां डिस्चार्ज होगा?
लोगों का सवाल साफ है—
शहर को सीवर सुविधा चाहिए या सड़कों पर गंदे पानी की नई मुसीबत?
नगर निगम को इस मामले में तत्काल मौके की जांच कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि भविष्य में गंदगी, दुर्गंध और बीमारी का संकट खड़ा न हो।

