कटनी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सख्त निर्देशों के बावजूद कटनी में एक विवादित महिला थाना प्रभारी की दोबारा पदस्थापना का मामला चर्चा में है। मामला कटनी के चर्चित सीएसपी आवास कांड से जुड़ा बताया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, तत्कालीन महिला थाना प्रभारी मंजू शर्मा को मुख्यमंत्री के निर्देश पर कटनी से हटाने के आदेश दिए गए थे। इसके बावजूद पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा उन्हें पहले जबलपुर महिला थाना और अब पुनः कटनी में पदस्थ किए जाने पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इस संबंध में अधिवक्ता देवेंद्र शर्मा द्वारा मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव गृह, डीजीपी, विशेष डीजीपी प्रशासन और एडीजी को शिकायत भेजकर मामले में कार्रवाई की मांग की गई है।
शिकायत में महिला थाना प्रभारी पर सीएसपी आवास से जुड़े मामले में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि पूर्व में भी उनके विरुद्ध कार्रवाई और दंड की स्थिति बनी थी। साथ ही आरोप है कि विवादित कार्यप्रणाली के बावजूद उन्हें दोबारा कटनी में जिम्मेदारी दी गई।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब मुख्यमंत्री स्तर से किसी अधिकारी को फील्ड पोस्टिंग न देने के निर्देश दिए गए थे, तो फिर उन्हें दोबारा कटनी में पदस्थ करने का निर्णय किस आधार पर लिया गया?
मामले ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री के निर्देशों के पालन को लेकर भी बहस छेड़ दी है। शिकायत में यह भी बताया गया है कि महिला थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली को लेकर दो परिवार न्यायालयीन प्रक्रिया में जा चुके हैं।
अब देखना होगा कि सरकार इस मामले को कितनी गंभीरता से लेती है और मुख्यमंत्री के निर्देशों की कथित अवहेलना पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई होती है या नहीं।

