स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत एक बार फिर सामने आई है। कटनी जिले के रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में संचालित 108 एंबुलेंस सेवा को लेकर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। जहा ग्राम पंचायत नेगवा के गांव सुखा से एक मरीज के परिजनों ने 108 एंबुलेंस के लिए फोन किया, लेकिन उन्हें वाहन उपलब्ध नहीं होने की बात कही गई।
एंबुलेंस का इंतजार करने के बजाय परिजनो मरीज को मजबूरी में मोटरसाइकिल पर बैठाकर सुखा गांव से रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि अस्पताल पहुंचने पर परिजनों को अस्पताल परिसर के सामने तीन 108 एंबुलेंस खड़ी दिखाई दीं ।
ऐसे मैं परिजनों का आरोप है कि यदि 108 वाहन उपलब्ध थे तो उन्हें समय पर एंबुलेंस की सेवाए क्यों नहीं दी गई,,? मरीज को बाइक से अस्पताल लाने के दौरान किसी अनहोनी की स्थिति बन सकती थी। ऐसे में सवाल उठता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरतमंद मरीजों को समय पर 108 एंबुलेंस सेवा आखिर क्यों नहीं मिल पा रही है। जबकि एंबुलेंस वाहन अस्पताल के सामने ही खड़े रहते है l यह भर्राशाही है या फिर सेवाए के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर ओपचारिकताएं निभाई जा रही है l
सवाल यह है कि जब अस्पताल के सामने तीन 108 वाहन मौजूद थे, तो सुखा गांव से आए मरीज के परिजनों को फोन पर वाहन उपलब्ध नहीं होने की जानकारी क्यों दी गई,,,? मामले की जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जरूरत है, ताकि भविष्य में किसी गर्भवती महिला या गंभीर मरीज को इस तरह जोखिम उठाकर अस्पताल न पहुंचना पड़े।
हरिशंकर बेन


