कटनी जिले के रीठी सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं के दावों की हकीकत तब सामने आईlजब अस्पताल के महिला वार्ड में बरसात का पानी छत से टपकता और पंखों से करंट नीचे प्रवाहित होने के मामले मैं भर्ती मरीजों ने अस्पताल के जिम्मेदार मुखिया को सवालों के घेरे मैं लाकर खड़ा कर दिया है l
यहां अस्पताल के महिला वार्ड में प्रसव के बाद भर्ती महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वार्ड की छत से टपकता बरसाती पानी जमा होने के कारण ,फर्श पर फिसलन की स्थिति बन गई है,और ऊपर से पंखे से प्रवाहित करंट जिससे जच्चा बच्चा की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है । वैसे भी प्रसव के बाद महिलाओं की स्थिति पहले से ही संवेदनशील होती है,ऐसे में उनकी सुरक्षा पर सवाल खड़े होना लाज़मी है l
वार्ड मैं भर्ती मरीजो और परिजनों का कहना है कि पिछले कई दिनों से वार्ड की छत से पानी टपकर नीचे भर जाता है l जिससे गीली दीवारों और फर्श के कारण नमी और फिसलन बनी हुई है। सबसे खतरनाक बात ये है कि वार्ड में लगे पंखों से करंट लगने का खतरा बना हुआ है। रात में डर के मारे पंखा नही चला सकते l यहां भर्ती महिलाएं और नवजात शिशु हैं, अगर किसी को तेज करंट लग गया तो जिम्मेदार कौन होगा,,? जबकि स्वास्थ्य विभाग मरीजों को बेहतर इलाज देने का दावा करता है, लेकिन यहां मूलभूत सुरक्षा तक नहीं है। पानी और बिजली का ये कॉम्बिनेशन किसी बड़े हादसे को दावत दे रहा है।
इस संबंध में जब मुख्य जिला स्वास्थ्य अधिकारी को फोन से जानकारी लेनी चाहिए गई तो उनका फोन रिसीव नहीं हुआ l
अब सवाल यह है कि अस्पताल के महिला वार्ड में बारिश का पानी आखिर क्यों भर रहा, और जिम्मेदारों ने इस समस्या का स्थायी समाधान क्यों नहीं किया,,?
स्थानीय लोगों ने CMHO और कलेक्टर से मांग की है कि तुरंत महिला वार्ड की मरम्मत कराई जाए, लीकेज बंद किया जाए और बिजली की फिटिंग चेक करवाई जाए। जब तक समस्या ठीक न हो, मरीजों को दूसरे सुरक्षित वार्ड में शिफ्ट किया जाए।
हरिशंकर बेन


