बाकल। कटनी जिले के बाकल थाना अंतर्गत पटवारी हल्का नंबर 11 के ग्राम मझगवां में किसानों की धान की फसल खराब होने का मामला सामने आया है। किसानों का आरोप है कि अमानक बीज एवं रासायनिक दवाइयों के उपयोग के कारण उनकी खड़ी फसल बर्बाद हो गई। किसानों ने बीज भंडार संचालकों पर पक्का बिल नहीं देने के भी आरोप लगाए हैं और प्रशासन से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई एवं नुकसान की भरपाई कराने की मांग की है।
किसानों के सामने अब सबसे बड़ी चिंता यह है कि धान की फसल खराब होने के बाद खेत खाली पड़े हैं और फसल लगाने की अवधि भी लगभग समाप्त हो चुकी है। ऐसे में किसान चिंतित हैं कि खेतों में अब क्या लगाया जाए, जिससे हुए आर्थिक नुकसान की कुछ भरपाई हो सके।
उपस्थित किसान लल्लू यादव ने आरोप लगाते हुए कहा कि बाकल स्थित *अग्रवाल बीज भंडार* से उन्होंने फुल पेज धान के 8 पैकेट खरीदे थे, लेकिन बीज खेत में नहीं जमा। इसके कारण खेत खाली पड़े हैं। किसान ने कहा कि खेती ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन है, ऐसे में फसल खराब होने के बाद परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है।
वहीं किसान मनोज यादव का कहना है कि उन्होंने *इस्माइल भाई जान* के यहां से धान में डालने के लिए दवा खरीदी थी। दवा का छिड़काव करने के बाद लगभग 2 एकड़ में खड़ी धान की फसल नष्ट हो गई। किसान ने प्रशासन से मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई और किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
किसानों का कहना है कि यदि बीज एवं कृषि दवाइयां निर्धारित गुणवत्ता की हैं तो फसल खराब होने के कारणों की जांच होनी चाहिए और यदि अमानक सामग्री की बिक्री पाई जाती है तो संबंधित दुकानदारों के लाइसेंस निरस्त कर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। किसानों ने यह भी मांग की कि उन्हें खरीदे गए बीज एवं दवाइयों के पक्के बिल उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
ग्राम पंचायत के सरपंच बुद्धू लाल यादव ने भी किसानों की समस्या पर चिंता जताते हुए कहा कि बीज भंडारों से अमानक बीज एवं दवाइयों की बिक्री पूरी तरह बंद होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ऐसे मामलों की जांच कर दोषी पाए जाने वाले दुकानदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसानों को इस प्रकार के नुकसान से बचाया जा सके।
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके पर कृषि विभाग की टीम भेजकर खराब हुई फसलों का सर्वे कराया जाए, बीज एवं दवाइयों के नमूने लेकर जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई करते हुए प्रभावित किसानों को उचित राहत एवं मुआवजा दिलाया जाए।

