रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में चल रहे सुप्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक नागद्वारी मेले में आस्था और श्रद्धा का अभूतपूर्व सैलाब देखने को मिल रहा है। ‘मध्य प्रदेश के अमरनाथ’ के रूप में विख्यात इस पावन और दुर्गम यात्रा में अब तक लगभग 5 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा नागराज और वासुकी महादेव के दर्शन कर पुण्य लाभ कमा चुके हैं। मेले में श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है और आज ही लगभग 1 लाख नए श्रद्धालुओं ने इस कठिन और पवित्र यात्रा की ओर अपने कदम बढ़ाए हैं, जिससे समूचा मेला क्षेत्र ‘बम-बम भोले’ और ‘जय नागदेव’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा है। कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा एवं एसपी श्री साई कृष्ण एस थोटा ने रविवार को पचमढ़ी पहुंचकर व्यवस्थाओं की कमान संभाली। उन्होंने अस्थाई बस स्टैंड का निरीक्षण कर वाहनों की पार्किंग एवं भीड़ प्रबंधन व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कलेक्टर निर्देश दिए अस्थाई एवं स्थाई वाहन पार्किंग में वाहनों के आवागमन सुचारू रूप से संचालित रहे। किसी भी स्थिति में वाहनों का जाम ना लगे। अव्यवस्थित रूप से शहर में कहीं भी वनों की पार्किंग ना हो यह भी संबंधित दल द्वारा सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर के निर्देशन में प्रशासनिक टीम की चाक-चौबंद व्यवस्थाएं–
नर्मदापुरम कलेक्टर सोमेश मिश्रा के कड़े और सीधे निर्देशन में जिला प्रशासन की पूरी टीम इस भव्य मेले को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए दिन-रात मुस्तैद है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) हिमांशु जैन के मार्गदर्शन और अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) आकिप खान की जमीनी प्रशासनिक देखरेख में समूची जिला टीम ग्राउंड जीरो पर मोर्चा संभाले हुए है। संपूर्ण मेला क्षेत्र को विभिन्न सेक्टरों में विभाजित कर हर कोने पर अधिकारियों की तैनाती की गई है ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने कहा है कि”श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगमता सर्वोच्च प्राथमिकता है। पूरी प्रशासनिक टीम, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस बल मुस्तैदी से तैनात रहे। कलेक्टर द्वारा बारिश को देखते हुए पहाड़ी रास्तों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।”
स्वच्छता, सुरक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष फोकस–
चूंकि नागद्वारी यात्रा सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के अत्यंत कठिन, संकरे और पहाड़ी रास्तों से होकर गुजरती है, इसलिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता को अपनी शीर्ष प्राथमिकता में रखा है। मेले को पूरी तरह से सिंगल-यूज़ प्लास्टिक से मुक्त रखने का संकल्प लिया गया है। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए कचरा प्रबंधन की विशेष व्यवस्था की गई है और जगह-जगह सफाईकर्मियों की टीम तैनात है ताकि प्राकृतिक सुंदरता और स्वच्छता बनी रहे।
दुर्गम रास्तों, गहरी खाइयों और संवेदनशील मोड़ों पर पुलिस बल के साथ-साथ होमगार्ड और रेस्क्यू टीमों की तैनाती की गई है। अत्यधिक भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के लिए प्रशासनिक अधिकारी स्वयं लगातार पैदल निरीक्षण कर रहे हैं।।श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अस्थाई चिकित्सा केंद्र और एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है। पहाड़ी रास्तों पर चलने के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं के त्वरित उपचार के लिए डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की टीमें दवाइयों के साथ हर समय अलर्ट मोड पर हैं।
नागद्वार मेले में स्वास्थ्य टीम की त्वरित एवं समन्वित चिकित्सा से गंभीर श्रद्धालु को मिला जीवनदान–
पचमढ़ी में श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए 24 घंटे सुदृढ़ चिकित्सा व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। इसी व्यवस्था के तहत 14 अगस्त को नागपुर निवासी 56 वर्षीय श्री गजानंद सिंधे को गंभीर एवं अचेत अवस्था में मेला चिकित्सा शिविर लाया गया। मरीज की स्थिति अत्यंत गंभीर होने पर स्वास्थ्य टीम ने तत्काल जीवनरक्षक उपचार प्रारंभ किया और निरंतर निगरानी के साथ एम्बुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पचमढ़ी भेजा। सीएचसी पचमढ़ी के चिकित्सकीय एवं नर्सिंग दल ने तत्परता से उपचार करते हुए मरीज को सफलतापूर्वक रीवाइव किया तथा उसकी स्थिति स्थिर की। स्वास्थ्य में सुधार एवं जीवनरक्षक संकेत स्थिर होने के बाद मरीज को विशेषज्ञ उपचार एवं आगे की जांच के लिए उच्च स्तरीय चिकित्सा संस्थान रेफर किया गया। मेला समिति की स्वास्थ्य टीम की त्वरित कार्रवाई, बेहतर समन्वय एवं समर्पित सेवाओं से गंभीर श्रद्धालु को समय पर उपचार मिल सका। प्रशासन ने पचमढ़ी पहुंचने और वहां से मेला क्षेत्र तक जाने वाले सभी प्रमुख परिवहन रूट्स पर बसों और छोटे वाहनों के लिए सुव्यवस्थित ट्रैफिक प्लान लागू किया है, ताकि कहीं भी जाम की स्थिति न बने। सतपुड़ा की पहाड़ियों में लगातार बदलते मौसम और रिमझिम बारिश के बीच श्रद्धालुओं का जोश कम नहीं हो रहा है, हालांकि प्रशासन ने फिसलन वाले रास्तों पर विशेष सावधानी बरतने की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही, सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से जगह-जगह निशुल्क भोजन-भंडारे और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की गई है, जहाँ भूखे भक्तों को गर्म और ताजा भोजन निरंतर परोसा जा रहा है।
महाराष्ट्र से आए श्रद्धालु रमेश पाटिल ने बताया”रास्ते कठिन जरूर हैं, लेकिन जगह-जगह प्रशासन की ओर से की गई स्वास्थ्य,शुद्ध पेयजल और भंडारे की व्यवस्थाओं ने यात्रा को बहुत आसान और सुखद बना दिया है।”


