स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व पर छिंदवाड़ा के लोनिया करबल स्थित ‘संजीवनी क्लिनिक’ से राष्ट्रीय ध्वज के अपमान का गंभीर मामला सामने आया है। क्लिनिक प्रबंधन द्वारा 15 अगस्त के अवसर पर तिरंगे को उल्टा (केसरिया रंग नीचे और हरा रंग ऊपर) फहरा दिया गया। हैरानी की बात यह रही कि यह ध्वज पूरे दिन इसी उल्टी अवस्था में फहरता रहा और किसी जिम्मेदार ने इसे सुधारने की सुध नहीं ली।
पूर्व में भी हुई थी यही चूक
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, संजीवनी क्लिनिक प्रबंधन द्वारा यह लापरवाही पहली बार नहीं की गई है। इससे पहले इसी वर्ष गणतंत्र दिवस (26 जनवरी 2026) के मौके पर भी यहां तिरंगा उल्टा फहराया गया था, जिसे बाद में लोगों के हस्तक्षेप के बाद ठीक किया गया था। बार-बार इस प्रकार की घटना का दोहराया जाना क्लिनिक प्रबंधन की गंभीर गैर-जिम्मेदारी और राष्ट्रध्वज के प्रति उपेक्षा को दर्शाता है।
कड़े कानूनों का सीधा उल्लंघन
मामले को लेकर स्थानीय प्रबुद्धजनों और नागरिकों ने इसे राष्ट्र के गौरव पर आघात बताया है। यह कृत्य सीधे तौर पर राष्ट्रीय नियमों और कानूनों का उल्लंघन है:
फ्लैग कोड ऑफ इंडिया (भारतीय ध्वज संहिता), 2002: नियमों के अनुसार राष्ट्रीय ध्वज को उल्टा प्रदर्शित करना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971: इस कानून की धारा 2 के तहत राष्ट्रध्वज का अपमान करना या उसे गलत तरीके से फहराना गैर-जमानती व दंडनीय अपराध है, जिसमें 3 वर्ष तक के कारावास और जुर्माने का प्रावधान है।
प्रशासन से कठोर कार्रवाई की मांग
घटना की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में गहरा रोष व्याप्त है। नागरिकों ने जिला प्रशासन एवं पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि संजीवनी क्लिनिक के संचालक और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल सुसंगत धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज कर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाए, ताकि राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति ऐसी लापरवाही पर रोक लग सके।


