रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। नर्मदा नदी के तटों को अतिक्रमण और प्रदूषण से मुक्त रखने के लिए माननीय उच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देश हैं कि नदी किनारे तय सीमा 300 मीटर के दायरे के भीतर किसी भी प्रकार का नया निर्माण कार्य नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद, नर्मदापुरम के कोरीघाट स्थित रिवर व्यू होटल द्वारा उच्च न्यायालय के आदेशों और प्रशासनिक
प्रतिबंधों को ठेंगा दिखाते हुए एक बार फिर धड़ल्ले से अवैध निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। गौरतलब है कि उक्त होटल संचालक द्वारा पहले भी नर्मदा तट पर नियम विरुद्ध निर्माण कराया जा रहा था। इसकी सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन, एसडीएम और नगर पालिका की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर काम रुकवाया था। सूत्रों की माने तो उस दौरान प्रशासनिक कार्रवाई के तहत होटल के अंदर से निर्माण में प्रयुक्त लोहा और अन्य सामग्री भी ज़ब्त की गई थी। यहां फिर से 100 मीटर के अंदर ही अवैध निर्माण कार्य किया जा रहा है।
स्थानीय संरक्षण के बल पर बेखौफ है होटल संचालक –
प्रशासनिक ज़ब्ती और रोक के बावजूद होटल संचालक द्वारा पुनः अवैध निर्माण शुरू कर दिए जाने से स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ प्रभावशाली और स्थानीय रसूखदार लोगों के संरक्षण के कारण ही होटल संचालक के हौसले बुलंद हैं और वह बेखौफ होकर नर्मदा नदी के बिल्कुल किनारे यह अवैध निर्माण करा रहा है। त्वरित कार्रवाई और कानूनी कदम उठाने की मांग नर्मदा भक्तों और क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन, पुलिस एवं स्थानीय निकाय से मांग की है कि उच्च न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन करने वाले होटल संचालक पर तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही चल रहे निर्माण को तुरंत रुकवाकर संबंधितों के खिलाफ अवमानना और अवैध निर्माण की धाराओं के तहत कानूनी मामला दर्ज किया जाए। वही मीडिया ने नगर पालिका सीएमओ वैभव देशमुख को रिवर व्यू होटल संचालक द्वारा अवैध निर्माण कार्य के विषय में अवगत कराया गया तो उन्होंने बताया कि नर्मदा किनारे रिवर व्यू होटल में अवैध निर्माण कार्य को लेकर समाचार पत्रों और मीडिया के जरिये प्रकाशित खबर से जानकारी मिली हैं। नर्मदा किनारे रिवर व्यू होटल में अवैध निर्माण कार्य किया जा रहा है जिसे लेकर नगर पालिका जारी करेगी नोटिस। वही नगर पालिका उपयंत्री रीना गुप्ता ने बताया कि हमारे द्वारा निर्माण कार्य की नहीं दी कोई परमिशन। जिसे लेकर होटल संचालक को नोटिस जारी कर रहे हैं।


