भोपाल। मध्यप्रदेश में प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 के परिणाम के बाद नियुक्तियों को लेकर सामने आ रही खबरों और अभ्यर्थियों की आपत्तियों पर लोक शिक्षण संचालनालय ने स्थिति स्पष्ट की है। संचालनालय ने कहा है कि प्राथमिक शिक्षक नियोजन 2025 में विज्ञापित किए गए नियमों का अक्षरशः पालन किया गया है और भर्ती नियमों में बाद में कोई परिवर्तन नहीं किया गया।
लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा 7 अगस्त 2026 को जारी स्पष्टीकरण में बताया गया कि प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 के परिणाम आने के बाद प्राथमिक शिक्षकों को नियमानुसार नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए हैं। कुछ समाचार पत्रों एवं अभ्यर्थियों द्वारा यह आरोप लगाया गया था कि विज्ञापन जारी होने के बाद भर्ती नियमों में बदलाव किया गया है।
आवेदन की अंतिम तारीख तक योग्यता जरूरी
संचालनालय ने स्पष्ट किया कि प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 के लिए निर्धारित शैक्षणिक/व्यावसायिक योग्यता और वांछित अतिथि शिक्षक अनुभव आवेदन भरने की अंतिम तिथि तक धारित करना अनिवार्य था।
नियम पुस्तिका की कंडिका 12.7 में स्पष्ट प्रावधान था कि आवेदन की अंतिम तिथि के बाद अर्जित की गई शैक्षणिक या व्यावसायिक योग्यता तथा अतिथि शिक्षक अनुभव मान्य नहीं होगा।
बाद में हासिल की गई योग्यता मान्य नहीं
संचालनालय के मुताबिक आवेदन की अंतिम तारीख तक निर्धारित योग्यता हासिल करना अनिवार्य था। इस संबंध में बाद में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।
यदि किसी अभ्यर्थी या अभ्यर्थी समूह को इस विषय में कोई संदेह है, तो वह कार्यालयीन दिवस में संबंधित कार्यालय पहुंचकर पूरी जानकारी प्राप्त कर सकता है।
लोक शिक्षण संचालनालय ने कहा कि इस स्पष्टीकरण से आमजन और अभ्यर्थियों को सही स्थिति की जानकारी हो।
बड़ी बात: प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 के जरिए भर्ती के लिए पहले से निर्धारित नियमों के पालन की बात विभाग ने दोहराई है। परीक्षा के लिए 10,150 पदों पर भर्ती का प्रावधान था।
स्रोत: लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश द्वारा 7 अगस्त 2026 को जारी स्पष्टीकरण।


