रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। इटारसी तहसील के अंतर्गत केसला ब्लाक के ग्राम सहेली निवासी विधवा महिला मीराबाई यादव ने पुलिस अधीक्षक से जनसुनवाई में शिकायत कर उनके घर का ताला तोड़कर जेठ द्वारा अवैध कब्जा सहित घर में प्रवेश से रोकने,गहने, दस्तावेज , मोबाईल चोरी सहित गाली गलौज व धमकी जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत की है। वहीं पूरे मामले को पुलिस अधीक्षक ने संज्ञान लेते हुए केसला पुलिस को कार्यवाही के निर्देश दिए। फरियादी महिला मीना बाई यादव ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत कर अवगत कराया कि उनके पति घनश्याम यादव का निधन 27 मई 2026 को हो गया था। उनकी कोई संतान नहीं है। इसी बात का अनुचित लाभ उठाकर उनके जेठ चंद्र किशोर यादव सहित पत्नी एवं उनके पुत्रों ने धोखाधड़ी कर मकान पर कब्जा कर लिया और फरियादी को घर से भगा दिया। फरियादी विधवा महिला ने यह भी गंभीर आरोप लगाया है कि जेठ सहित भतीजे वगैरा ने मेरे पति की संपत्ति को अपने नाम करवाने के लिए ग्राम पंचायत सहेली से मेरा भी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा लिया है। वही केसला पुलिस ने फरियादी महिला मीना बाई यादव की शिकायत पर जेठ चंद किशोर यादव, रामेती बाई यादव (पत्नी), सुधीर यादव (पुत्र), शिवराज यादव (पुत्र) के खिलाफ अपराध क्रमांक 0124/ 2026 के तहत बीएनएस की धारा 126(2), 296(बी),351(3),3(5) में प्रकरण पंजीबद्ध कर जांच में लिया है। मामले में फरियादी मीनाबाई यादव पति स्व. घनश्याम यादव आयु 45 साल निवासी सहेली थाना केसला ने केसला पुलिस थाना मे रिपोर्ट दर्ज कराई है कि मेरे पति घनश्याम यादव की 27.05.2026 को मृत्यु हो गई है। मेरे पति घनश्याम यादव एवं जेठ चन्द्रकिशोर उर्फ नानू यादव दो भाई थे, दोनो भाई का अलग अलग मकान है। दोनो भाई का परिवार भी अलग अलग रहता है। मै मेरा पति घनश्याम यादव और मेरा भतिजा धनराज यादव हमारे घर सहेली में निवास करते थे, मेरे कोई बच्चे नही है। पति घनश्याम की मृत्यु के बाद रसोई कार्यक्रम किया। फिर सवा मासी के बाद मेरे चाचा रामविलास निवासी बांदरी एवं मेरे पापा बहादुर यादव निवासी खेड़ी अहिर ने मुझे डेहरी छुड़वाने के लिए मेरे घर सहेली आये। तब मैने मेरे घर व गाय भैंस की देखरेख के लिए मेरे जेठ चन्द्रकिशोर उर्फ नानू यादव और मेरी जेठानी रामेती बाई यादव को घर में रखवाकर, पापा के साथ ग्राम खेड़ी अहिर चली गई थी। मेरे पति घनश्याम यादव की मौत होने से कृषि भूमि मेरे नाम से नामांतरण करने के लिये घनश्याम का मृत्यु प्रमाण पत्र जेठ चन्द्रकिशोर से मांगा तो देने से मना कर दिया। फिर ग्राम पंचायत सहेली जाकर सचिव से आनलाइन प्राप्त मृत्यु प्रमाण पत्र में मुझे (मीनाबाई यादव) को स्वर्गीय लेख होना पाया। जिससे मेरे जेठ व भतिजे वगैरह मेरे पति की संपत्ति को अपने नाम करवाने की मुझे शंका होने के कारण मैने जनसुनवाई कलेक्टर कार्यालय नर्मदापुरम एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय नर्मदापुरम में शिकायत किया। तो मुझे मेरे जेठ, भतीजे वगैरह खबर भेजने लगे कि आज के बाद सहेली में नही आना। मै 03 अगस्त 2026 की शाम 6 बजे करीब अपने घर सहेली गयी, तो मेरे जेठ चन्द्रकिशोर, जेठानी रामेतीबाई, भतीजा शिवराज एवं सुधीर ने गेट पर ताला लगा दिया और मुझे सभी लोग गंदी गंदी गालियां देने लगे। और बोले दुबारा यहाँ आई और ताला खोलने का बोला तो जान से खत्म कर देंगे। फिर मै वापस चाचा के घर केसला आ गयी। 04 अगस्त की सुबह पुनः अपने घर सहेली गई तो मेरे जेठ चन्द्रकिशोर,जेठानी रामेतीबाई,भतीजा शिवराज एवं सुधीर ने गेट पर ताला लगा दिया और मुझे अपने घर के अन्दर जाने से रोक दिया।


