*सुश्री कौर का भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार, जीरो टॉलरेंस पॉलिसी को लेकर बेहद सतर्क,चलाया कार्यवाही का चाबुक*
*जिला पंचायत सीईओ का सख्त रूख़ – बहोरीबंद की ग्राम पंचायत छपरा में आर्थिक अनियमितताओं एवं वित्तीय गड़बड़ियों के पाए जाने पर लगभग 14 लाख रुपए की वसूली का ऐतिहासिक निर्णय किया पारित*
*सरपंच, सचिव और उपयंत्री द्वारा निर्धारित समय में वसूली योग्य राशि जमा नहीं करने पर पृथक से होगी धारा 40 और 92 की कार्यवाही*
*ग्राम पंचायत के कार्यों में सरपंच पति की दखलंदाजी को लेकर सरपंच को किया सचेत, जनपद सीईओ करेंगे सतत् निगरानी*
कटनी (7 अगस्त)- विकासखंड बहोरीबंद की ग्राम पंचायत छपरा में आर्थिक गड़बड़ियों एवं वित्तीय अनियमितताओं के पाए जाने पर विहित प्राधिकारी एवं जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार करते हुए मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 89 के तहत दो अलग-अलग प्रकरणों में लगभग 14 लाख रुपए की वसूली का ऐतिहासिक आदेश पारित कर कड़ी कार्यवाही का चाबुक चलाया है। गौरतलब है कि चाहे दफ्तर हो या ग्राम पंचायत, सुश्री कौर जीरो टॉलरेंस पॉलिसी को लेकर पहले दिन से ही बेहद सतर्क होकर इसका अक्षरशः पालन सुनिश्चित कराने प्रतिबद्ध है। जिला पंचायत सीईओ ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए जिले की समस्त ग्राम पंचायतों को कड़ा संदेश दिया है कि शासन एवं स्थानीय आय से प्राप्त निधियों का मध्यप्रदेश पंचायत राज अधिनियम 1993 में निहित प्रावधानों का पालन करते हुए जनहित में व्यय करें, राशि का दुरुपयोग पाए जाने पर भी किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और कठोरता के साथ कार्यवाही की जाएगी।
*मामला ऐसा है…*
जनपद पंचायत बहोरीबंद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से प्राप्त प्रतिवेदन के मुताबिक सरपंच श्रीमती सुषमा गुप्ता एवं सरपंच पति श्री नीरज कुमार गुप्ता द्वारा बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के चुंगी नाका बैरियर लगाकर माईनिंग कर की अवैध वसूली वाहनों से की गई। हाई स्कूल बाउंड्री वॉल निर्माण कार्य, नाली निर्माण ,बाजार नीलामी में सरपंच, तत्कालीन सचिव एवं उपयंत्री द्वारा वित्तीय अनियमितता बरती और निर्माण कार्य तकनीकी मानकों के अनुसार पूर्ण कार्य नहीं कराए।
*इनसे और इतनी होगी बसूली*
जिला पंचायत सीईओ सुश्री कौर ने जनपद पंचायत सीईओ, जांच अधिकारियों के प्रतिवेदन, प्रस्तुत अभिलेखों के गहन परिशीलन उपरांत और समाधान कारक उत्तर प्राप्त नहीं होने पर धारा 89 के तहत ग्राम पंचायत छपरा की सरपंच श्रीमती सुषमा गुप्ता से 463374 रुपये, तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव गंगाराम हल्दकार और उपयंत्री सी.बी. चौबे दोनों से पृथक-पृथक 3,66,374 रुपए और सरपंच पति श्री नीरज कुमार गुप्ता से 2,00,400 रुपए की वसूली योग्य राशि निर्धारित कर 15 दिवस के अंदर ग्राम पंचायत के निर्धारित खाते में जमा करने के निर्देश सर्व संबंधितों को दिए हैं।
*15 दिनों में बसूली राशि जमा करने की मियाद, वर्ना होगी धारा 40 ,92 की कार्रवाई*
जारी आदेश में विहित अधिकारी एवं जिला पंचायत सीईओ सुश्री कौर ने दो टूक लहजे में स्पष्ट किया है कि ग्राम पंचायत छपरा निर्माण एजेंसी द्वारा बाजार नीलामी में 97,000 रूपये, हाई स्कूल बाउंड्री वॉल निर्माण में 7,48,500 रुपए, नाली निर्माण में 3,50,622 रूपये एवं सरपंच पति द्वारा अवैध चुंगी नाका से 2,00,400 रुपए की आर्थिक गड़बड़ियों का होना पाया गया। सुश्री कौर ने सर्व संबंधितों को निर्धारित 13,96,522 रुपयों की वसूली योग्य राशि ग्राम पंचायत के खाते में 15 दिवस की मियांद के अंदर जमा करने का अवसर दिया है अन्यथा की स्थिति में मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 40 एवं 92 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध करने का आदेश किए हैं। विहित अधिकारी सुश्री कौर ने सरपंच पति द्वारा भविष्य में ग्राम पंचायत के कार्यों में दखलंदाजी और सरपंच पद के अधिकार का दुरुपयोग किए जाने को लेकर ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती सुषमा गुप्ता को सचेत किया है एवं जनपद पंचायत बहोरीबंद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को ग्राम पंचायत का सतत पर्यवेक्षक और निगरानी करने हेतु निर्देशित किया है।


