बोरगांव लिटिल स्टेप स्कूल पर गंभीर सवाल—हाई टेंशन बिजली लाइन के नीचे पढ़ रहे 1500 से अधिक बच्चे!*
*दान पत्र निधि की दिव्यांग की जमीन का शिक्षा व्यवसाय में किया जा रहा उपयोग हाई टेंशन बिजली की चलते स्कूल* *
*योगेश गजभिये पांढुरना*.सौसर क्षेत्र के ग्राम बोरगांव स्थित लिटिल स्टेप स्कूल की व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि स्कूल परिसर के ऊपर और आसपास से गुजर रही हाई टेंशन बिजली लाइन के बावजूद यहां बड़ी संख्या में बच्चों की पढ़ाई कराई जा रही है।
स्थानीय लोगों और प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्कूल में नर्सरी से लेकर कॉलेज स्तर तक करीब 1500 से अधिक विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि स्कूल परिसर में हाई टेंशन बिजली लाइन के नीचे बच्चों की प्रार्थना सभा और खेल गतिविधियां भी आयोजित की जाती हैं। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में चिंता बढ़ती जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, स्कूल की अनुमति मूल रूप से दिव्यांग बच्चों की शिक्षा के उद्देश्य से दी गई थी। अब आरोप लगाए जा रहे हैं कि स्कूल संचालक द्वारा इस अनुमति का दुरुपयोग कर इसे व्यावसायिक रूप से संचालित किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
जानकारी यह भी सामने आ रही है कि स्कूल के लिए दानपत्र के माध्यम से करीब डेढ़ एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन वर्तमान में स्कूल परिसर इससे अधिक क्षेत्रफल में फैला हुआ दिखाई देता है। स्कूल के पीछे का कुछ हिस्सा वन विभाग की भूमि होने का भी दावा किया जा रहा है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि हाई टेंशन बिजली लाइन के संभावित खतरे के बावजूद इतने बड़े स्कूल को संचालन और विस्तार की अनुमति कैसे मिली? क्या शिक्षा विभाग, बिजली विभाग, राजस्व विभाग और अन्य संबंधित विभागों ने स्कूल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और नियमों की जांच की है?
यदि भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? क्या प्रशासन किसी गंभीर घटना का इंतजार कर रहा है?
फिलहाल इस पूरे मामले में शिक्षा विभाग, बिजली विभाग और वन विभाग की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मामले से जुड़े दस्तावेजों और विभागीय अनुमतियों की जानकारी जुटाई जा रही है।


