कालापीपल(बब्लू जायसवाल)सरकार और प्रशासन नशे के खिलाफ”नशे से दूरी है ज़रूरी”अभियान चला रही है, उसी को लेकर शाजापुर एसपी श्रीमती प्रियंका शुक्ला नशा मुक्ति के ख़िलाफ़ जोरों से अभियान चला रही है, और स्वयं अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त कार्यवाही करती हुई नजर रही है,वर्तमान में शुजालपुर में नशे के कारोबारी को संरक्षण देने के मामले में शुजालपुर थाना प्रभारी प्रवीण पाठक को लाइन हाजिर कर दिया गया, दूसरी बड़ी कार्यवाही मक्सी थाना प्रभारी पर की गई, लेकिन स्कूल-कॉलेज में गोष्ठी,बैनर-पोस्टर और भाषण हो रहे हैं,लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है, शायद कालापीपल में ये अभियान सिर्फ कागज और फोटो तक सीमित होकर रह गया है,जिन अधिकारियों की जिम्मेदारी है नशे को जड़ से खत्म करने की,वही इस अभियान से दूरी बनाए बैठे हैं।
*चौराहे पर नशा,ऑफिस में फाइल*
शाम होते ही नगर व आस-पास और गली-मोहल्लों में अवैध शराब एवं नशे के अन्य सामान बिकते हैं,युवा नशे की गिरफ्त में जा रहे है,लेकिन प्रशासनिक अधिकारी फील्ड में नहीं उतर रहे,न कोई छापा,न कोई जागरूकता रैली न स्कूलों में काउंसलिंग।
*जनता का आरोप”भाषण बहुत,कार्यवाही शून्य”*
लोगों का कहना है कि अभियान के नाम पर बस एक दिन फोटो खिंचवाई जाती है और फिर सब ठंडे बस्ते में,
“पुलिस-प्रशासन को सब पता है कौन बेच रहा है,फिर भी आंख बंद है,क्या मिलीभगत है ?”
*नशा बढ़ रहा,जिम्मेदार गायब*
कुछ दिन पहले महिलाओं ने विधायक को भी आवेदन बताया था कि हमारे अवैध शराब बिक रही है,इसे बंद करवाई जाए,नशे के कारण युवा अपराधिक घटनाओं और बीमारियों की ओर बढ़ रहे हैं,लेकिन रोकथाम के लिए कोई ठोस प्लान नहीं।
* सीधा सवाल:जब नारा ही “नशे से दूरी है ज़रूरी”है,तो फिर कालापीपल के अधिकारी अभियान से इतनी दूरी क्यों बनाए हुए हैं ?
क्या सरकार का अभियान सिर्फ कागजों पर सफल होगा और कालापीपल की युवा पीढ़ी नशे में बर्बाद होती रहेगी ? नगर में “स्कूल से महज़ 100 -200 मीटर की दूरी पर ही मैन रोड पर शराब दुकान है।


