कटनी (24 जुलाई) – वर्षा की प्रत्येक बूंद को भविष्य की जल सुरक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से नगर पालिक निगम कटनी द्वारा माधव नगर क्षेत्र का व्यर्थ बह जाने वाला वर्षा जल एसीसी खदान क्रमांक – 5 में सहेजने की दूरदर्शी पहल की है। निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार द्वारा गुरुवार को माधव नगर स्थित उक्त खदान का निरीक्षण कर वर्षा जल संग्रहण के इस मॉडल का अवलोकन किया। इस दौरान उपयंत्री मृदुल श्रीवास्तव भी मौजूद रहे।

निगमायुक्त ने कहा कि जल संरक्षण की यह अभिनव पहल मानसून में व्यर्थ बहने वाले वर्षा जल को संरक्षित कर ग्रीष्म ऋतु में नगर की पेयजल आपूर्ति को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
फेंसिंग, पौधारोपण एवं अन्य विकास कार्यों के दिए निर्देश
निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने स्थल की व्यवस्थाओं और जल संरक्षण की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को खदान के चारों ओर सुरक्षा की दृष्टि से फेंसिंग कार्य कराने तथा आसपास के क्षेत्र में व्यापक पौधारोपण कराने के साथ ही एप्रोच रोड का निर्माण कराने के निर्देश दिए।
पर्यटन केंद्र होगा विकसित
निगमायुक्त ने नगर के पर्यटन एवं प्राकृतिक सौंदर्य को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उक्त स्थल को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने हेतु यहाँ आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का विकास, सौंदर्यीकरण तथा पर्यटकों के लिए बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने की योजना तैयार करने के निर्देश दिए, जिससे स्थानीय पर्यटन को प्रोत्साहन मिल सके।
स्टॉप डैम से ओपन चैनल द्वारा खदान में पहुंचेगा वर्षा जल
निरीक्षण के दौरान उपयंत्री श्री मृदुल श्रीवास्तव ने बताया कि माधव नगर के 7-11 नाले से होकर बह जाने वाले वर्षा जल को रोकने के लिए पूर्व में निर्मित स्टॉप डैम से ओपन चैनल तैयार किया गया है। इस चैनल के माध्यम से वर्षा का पानी सीधे एसीसी खदान क्रमांक-5 में संग्रहित किया जा रहा है। इससे मानसून के दौरान व्यर्थ बहने वाला लाखों लीटर वर्षा जल भविष्य के लिए सुरक्षित रखा जा सकेगा।
बैराज ओवरफ्लो के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पहले से तैयार
उल्लेखनीय है कि नगर निगम द्वारा कटाए घाट कटनी नदी स्थित बैराज के ओवरफ्लो वर्षा जल की स्थिति को ध्यान में रखते हुए भी पूर्व तैयारी कर ली की है। वर्षा जल के ओवर फ्लो होते ही नदी में स्थापित मोटर पम्प द्वारा अतिरिक्त वर्षा जल को खदानों तक पहुंचाने का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। इसके लिए पूर्व में बिछाई गई पाइपलाइन का उपयोग कर संग्रहित रॉ वाटर को फिल्टर प्लांट तक पहुंचाया जाएगा, जिससे ग्रीष्म काल के दौरान पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को अतिरिक्त मजबूती मिलेगी।
वैकल्पिक जल स्रोत के साथ भूजल स्तर में होगा सुधार
उपयंत्री श्री श्रीवास्तव ने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर खदानों में संग्रहित वर्षा जल को आवश्यक शोधन प्रक्रिया के बाद नगर की पेयजल आपूर्ति में उपयोग किया जाएगा। इससे ग्रीष्म ऋतु में जल उपलब्धता सुनिश्चित होने के साथ-साथ भूजल स्तर में भी सुधार होगा। एसीसी खदान क्रमांक – 5 भविष्य में वर्षा जल संग्रहित होने से शहर के लिए एक सशक्त वैकल्पिक जल स्रोत के रूप में उपयोगी सिद्ध होंगी।
जल संरक्षण का प्रेरक मॉडल
निगम प्रशासन ने बताया कि वर्षा जल की प्रत्येक बूंद अमूल्य है। यदि इसे बेहतर तरीके से संरक्षित किया जाए तो यही जल भविष्य में नागरिकों के लिए अमृत समान सिद्ध हो सकता है।
नगर निगम का उद्देश्य वर्षा जल को व्यर्थ बहने से रोककर उसका अधिकतम सदुपयोग सुनिश्चित करना है। एसीसी खदान क्रमांक – 5 में माधव नगर के वर्षा जल संरक्षण की यह योजना जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण एवं सतत पेयजल प्रबंधन का एक अनुकरणीय उदाहरण बनकर शहर के लिए दीर्घकालिक जल सुरक्षा का मजबूत आधार तैयार करेगी।


