भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून की गतिविधियां एक बार फिर तेज होने के संकेत हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार गुरुवार 23 जुलाई को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। पश्चिमी मध्यप्रदेश के कुछ जिलों में भारी बारिश की आशंका है, जबकि भोपाल, जबलपुर सहित अनेक जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है।
मौसम प्रणाली सक्रिय रहने के कारण प्रदेश में 26 और 27 जुलाई तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। कुछ स्थानों पर बिजली चमकने और वज्रपात के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
चार जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
आलीराजपुर, धार, बड़वानी और खरगोन जिले में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं नीमच, रतलाम, उज्जैन, इंदौर, सीहोर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, उमरिया, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट है।
इसके अलावा भोपाल, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, झाबुआ, देवास, शाजापुर, आगर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकला, सतना, अनूपपुर, शहडोल, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर और पांढुर्णा में गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।
प्रदेश में बारिश का आंकड़ा सामान्य से पीछे
मानसून सीजन की शुरुआत यानी 1 जून से 22 जुलाई 2026 तक मध्यप्रदेश में बारिश सामान्य स्तर तक नहीं पहुंच पाई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक इस अवधि में प्रदेश में औसतन करीब 307.9 मिलीमीटर यानी 12.1 इंच वर्षा दर्ज की गई है, जबकि सामान्य औसत लगभग 347.7 मिलीमीटर यानी 13.7 इंच माना जाता है। इस हिसाब से प्रदेश की बारिश करीब 11 प्रतिशत पीछे चल रही है।
पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश की कमी पश्चिमी हिस्से की तुलना में अधिक बताई जा रही है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है, जबकि जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के कई इलाकों को अभी अच्छी मानसूनी बारिश का इंतजार है।
अब तक देवास में करीब 18.5 इंच वर्षा दर्ज की गई है। बालाघाट में लगभग 18 इंच और भोपाल में 16.4 इंच बारिश हो चुकी है। दूसरी ओर आलीराजपुर में बारिश का आंकड़ा करीब 2 इंच बताया गया है, जो सामान्य स्तर से काफी कम है।
मौसम की सक्रिय प्रणालियों को देखते हुए आने वाले कुछ दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में वर्षा बढ़ने की संभावना है। गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति में लोगों को खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे रुकने से बचने की सलाह दी जाती है।


