सिलौंडी:भारतीय डाक विभाग कर्मचारी संघ के संभागीय सचिव अनिल सिंह बागरी
ने पत्र के माध्यम से बताया कि विदेशी कंपनी मैकेंजी के इशारे पर डाक विभाग का निजीकरण किया जा रहा है। साथ ही “टारगेट” के नाम पर कर्मचारियों पर मानसिक दबाव बनाया जा रहा है। ग्रामीण डाक सेवकों और विभागीय कर्मचारियों को अपने वेतन से खाते खुलवाकर टारगेट पूरा कराया जा रहा है, जिसे संघ आर्थिक और मानसिक शोषण बता रहा है।
*आंदोलन की रूपरेखा – जबलपुर संभाग:*
1. *20 से 27 जुलाई 2026*: सभी डाकघरों में काली पट्टी बांधकर विरोध स्वरूप कार्य
2. *28 जुलाई 2026*: लंच के समय मंडलीय कार्यालयों में विशाल प्रदर्शन
3. *5 अगस्त 2026*: पूरे म.प्र. में एक दिवसीय हड़ताल
4. *18 अगस्त 2026*: मांगे पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल
*6. संघ की प्रमुख मांगे:*
1. *टारगेट के नाम पर शोषण बंद हो* – कर्मचारियों से गली-गली घूमकर व्यावसायिक टारगेट पूरा न कराया जाए
2. *रेल डाक सेवा की बहाली* – PM की घोषणा के बावजूद डाक को RTN रोड ट्रांसपोर्ट से भेजा जा रहा है, उसे फिर से रेल से भेजा जाए
*3. रिक्त पदों को भरना*
मेल मोटर विभाग के रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती की जाए।
*4. भ्रष्टाचार पर रोक*
डाक विभाग में बढ़ रहे भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को रोकने के लिए तत्काल कठोर कार्रवाई हो।
*5. कैडर रिव्यू व विकेंद्रीकरण पर रोक*
पोस्टल अकाउंट का विकेंद्रीकरण रोका जाए।
*6. वेतन विसंगति दूर की जाए*
भूतपूर्व सैनिक कोटे से भर्ती डाक कर्मचारियों की वेतन विसंगति का तुरंत निराकरण किया जाए।
*7. पुरानी डिलीवरी व्यवस्था की वापसी*
वर्तमान NDC/IDC सिस्टम को पूरी तरह बंद करके पुरानी और सुचारू डाक डिलीवरी व्यवस्था को फिर से बहाल किया जाए।
*8. राष्ट्रीय श्रम दिवस की घोषणा*
आगामी 17 दिसंबर को आधिकारिक रूप से राष्ट्रीय श्रम दिवस घोषित होए।


