*मुख्यमंत्री डॉ. यादव की नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति*
– *नशा मुक्त मध्यप्रदेश बनाने के लिए सरकार दृढ़ संकल्पित*
– *पीएम मोदी-गृह मंत्री शाह ने नशा मुक्ति के लिए डेडलाइन- वर्ष 2029*
भोपाल। नशा मुक्ति की तरफ मध्यप्रदेश ने 14 जुलाई को बड़ा कदम उठाया। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित ‘नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0’ जन-जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग एवं स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा तैयार नशा मुक्ति संबंधी जन-जागरूकता साहित्य और गृह मंत्रालय के अभियान के पोस्टर का विमोचन भी किया। कार्यक्रम के दौरान नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करने वाली शॉर्ट फिल्म भी दिखाई गई। इस फिल्म में पुलिस विभाग के ही अधिकारियों-कर्मचारियों ने एक्टिंग की है। कार्यक्रम में सीएम डॉ. यादव ने कहा कि नशा मुक्ति के लिए हमारी सरकार कठोर से कठोर कदम उठाएगी। नशे के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए, जो समाज के सामने नजीर बन जाए।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वैसे तो हम रोज कई सारे काम करते हैं। वह हमारी दिनचर्या में शामिल हैं। लेकिन, आनंद देने वाला वास्तव में वो काम है जो मन को सकारात्मक क्रिया के लिए जाग्रत करे। मैं इस अभियान के लिए पुलिस विभाग को बधाई देता हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में कई तरह के काम चल रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने एक और बड़ा अभियान हाथ में लिया है। वो बड़ा अभियान इसी प्रकार का है। उन्होंने कहा कि हमारे राज्य की सीमाओं और उससे बाहर पहले बहुत प्रकार की चुनौतियां थीं। आज चंबल से लेकर उसके आसपास का पूरा क्षेत्र अपराधों-डाकुओं से मुक्त हुआ है। लेकिन, इन सबके बीच नक्सलवाद बड़ी चुनौती थी। लाल सलाम के नाम पर हम स्मगलरों पर कार्रवाई नहीं कर पा रहे थे। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की समाप्ति के लिए प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह ने डेडलाइन तय की थी। मुझे इस बात का संतोष है कि मध्यप्रदेश ने सबसे पहले अपने यहां से नक्सलवाद को समाप्त किया। आज पूरे देश में लाल सलाम को आखिरी सलाम कह दिया गया है।
*पड़ोसी राज्यों से भी समन्वय कर रही सरकार*
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रमोशन के रास्ते खुलने के बाद पुलिस विभाग में खुशी का माहौल है। सरकार आपके साथ दृढ़ता के साथ खड़ी है। हम विभाग के इस तरह के अभियानों का स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि नशे का कोई भी प्रकार अंततः व्यक्ति के साथ-साथ परिवार को भी नष्ट करता है। इसलिए हम इसकी मुक्ति की दिशा में पुलिस के साथ आगे बढ़ रहे हैं। हालांकि, चुनौतियां अभी भी हमारे सामने की चुनौतियां हैं। नशा मुक्ति के लिए हमारी सरकार किसी भी कठोर कदम से पीछे नहीं रहने वाली। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति के लिए समाजिक जागृति की आवश्यकता भी है। राज्य पुलिस महकमा नशे के अवैध कारोबार में लिप्त संगठित गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई करने में सक्षम है। राज्य सरकार भी पड़ोसी राज्यों से आवश्यकता समन्वय करा रही है।
*नशे के खिलाफ हो सख्त से सख्त कार्रवाई*
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने वर्ष 2029 तक भारत को नशा मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। ऐसे में मध्यप्रदेश पुलिस भावी पीढ़ी को स्कूल, कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर हेल्पलाइन और काउंसलिंग के माध्यम से नशे से दूरी बनाने के लिए प्रेरित कर रही है। उन्होंने कहा कि नशे के आदी लोगों को पुनर्वास भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। नशा हर तरह से समाज को बर्बाद करता है। इसलिए नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ नरमी छोड़े और गर्मी से पेश आएं। नशे के खिलाफ ऐसी कार्रवाई हो, जो नजीर बन जाए। राज्य सरकार ने नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। उन्होंने कहा कि स्कूल और कॉलेजों में नशा मुक्ति के लिए कोर्स भी शुरू किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नशा मुक्त मध्यप्रदेश बनाने के लिए कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों को शपथ दिलवाई।
*पुलिस उठा रही सख्त कदम*
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को नशा मुक्त करने का संकल्प लिया है। इसी उद्देश्य से सामाजिक न्याय विभाग कार्य कर रहा है। समाज के हर वर्ग को जोड़कर सभी स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता के कार्यक्रम आयोजित किए गए। विशेष पुलिस महानिदेशक पंकज कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि ‘नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0 जागरूकता अभियान’ 15 जुलाई से 30 जुलाई तक प्रदेशभर में चलाया जाएगा। मध्यप्रदेश पुलिस एमडी और अन्य नशीली दवाओं के खिलाफ कारगर कार्रवाई कर रही है। अब भी संगठित गिरोह चलाने वालों पर कठोर कार्रवाई की आवश्यकता है।


