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कटनी। शहर में विकास के नाम पर किए गए सीवर कार्य अब आम जनता के लिए मुसीबत बनते नजर आ रहे हैं। कुठला थाने के बगल से मित्तल एन्क्लेव होते हुए बरगवां तक सीवर लाइन बिछाने के लिए सड़कों को खोदा तो गया, लेकिन काम पूरा होने के बाद उन्हें सही तरीके से दुरुस्त करना जिम्मेदार शायद भूल गए। नतीजा यह है कि बारिश शुरू होते ही सड़क जगह-जगह धंस रही है और वाहन गड्ढों में फंस रहे हैं।
सीवर लाइन डाली, मिट्टी भरी और जिम्मेदारी खत्म?
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि पाइपलाइन बिछाने के बाद खोदी गई सड़क पर मिट्टी का उचित भराव और रोलिंग नहीं की गई। जैसे-तैसे मिट्टी डालकर काम पूरा कर दिया गया। बारिश होते ही जिम्मेदारों की कथित लापरवाही की पोल खुल गई। सड़क कई स्थानों पर दलदल में तब्दील हो चुकी है और वाहन अचानक जमीन में धंस रहे हैं।
गड्ढे में फंसी गाड़ी तो क्रेन ही बनेगी सहारा
हालात इतने बदतर बताए जा रहे हैं कि सड़क में फंसे वाहनों को सामान्य तरीके से बाहर निकालना मुश्किल हो रहा है। मजबूर वाहन मालिकों को निजी क्रेन बुलानी पड़ रही है। एक वाहन को निकालने में 4 से 5 हजार रुपये तक का खर्च आने की बात कही जा रही है। यानी जिम्मेदारों की लापरवाही का आर्थिक बोझ भी आम नागरिकों की जेब पर पड़ रहा है।
सड़क पर चलें या मुसीबत खरीदें?
कुठला से बरगवां की ओर जाने वाला यह व्यस्त मार्ग अब वाहन चालकों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं रह गया है। कब और कहां सड़क धंस जाए, वाहन फंस जाए और जाम लग जाए, इसका कोई भरोसा नहीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मानसून से पहले ही सड़क का व्यवस्थित रेस्टोरेशन किया जाना चाहिए था, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और निर्माण एजेंसी समय रहते नहीं चेते।
हादसे का इंतजार कर रहे जिम्मेदार?
क्षेत्रवासियों का सवाल है कि आखिर किसी बड़े हादसे के बाद ही प्रशासन और नगर निगम की नींद खुलेगी? सीवर कार्य के बाद सड़क को पुराने स्वरूप में लाने की जिम्मेदारी किसकी थी और कार्य की गुणवत्ता की निगरानी किस अधिकारी ने की? यदि सड़क का उचित रेस्टोरेशन हुआ था तो पहली बारिश में ही जमीन क्यों धंसने लगी?
नागरिकों ने जिला प्रशासन और नगर निगम से मांग की है कि कुठला से मित्तल एन्क्लेव और बरगवां तक प्रभावित मार्ग का तत्काल निरीक्षण कर गुणवत्तापूर्ण रेस्टोरेशन कराया जाए। साथ ही लापरवाही बरतने वाली कार्य एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाए, ताकि आम जनता को रोज-रोज की इस मुसीबत और आर्थिक नुकसान से राहत मिल सके।


