कटनी जिले के कई स्कूलों में एक बार फिर नाबालिग छात्रों द्वारा मोटरसाइकिल से स्कूल आने का सिलसिला शुरू हो गया है। बड़ी संख्या में छात्र बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के बाइक चलाते हुए स्कूल पहुंच रहे हैं, जिससे सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो रही है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि कई अभिभावक स्वयं अपने नाबालिग बच्चों को मोटरसाइकिल देकर स्कूल भेज रहे हैं। इससे न केवल बच्चों की जान जोखिम में पड़ती है, बल्कि अन्य राहगीरों की सुरक्षा भी खतरे में रहती है।
यदि पुलिस प्रशासन स्कूलों की छुट्टी के समय स्कूलों के आसपास विशेष अभियान चलाए, तो बड़ी संख्या में नाबालिग छात्र बाइक चलाते हुए मिल सकते हैं। ऐसे मामलों में मोटर वाहन अधिनियम के तहत अभिभावकों और वाहन मालिकों पर भी कार्रवाई का प्रावधान है।
वहीं, इस मुद्दे पर स्कूल प्रबंधन का कहना है कि छात्रों को बार-बार बाइक लेकर स्कूल नहीं आने की समझाइश दी जाती है। स्कूल परिसर के अंदर किसी भी छात्र की मोटरसाइकिल खड़ी नहीं होने दी जाती, लेकिन छात्र स्कूल परिसर के बाहर वाहन पार्क कर देते हैं, जिससे स्कूल प्रशासन की निगरानी सीमित हो जाती है।
सड़क सुरक्षा के लिए आवश्यक है कि अभिभावक, स्कूल प्रशासन और पुलिस तीनों मिलकर इस समस्या पर प्रभावी कदम उठाएं, ताकि किसी भी अप्रिय दुर्घटना से बचा जा सके।


