*योगेश गजभिये पांढुरना*.चंद्रभागा नदी पर नगर पालिका द्वारा लगभग एक वर्ष पूर्व निर्मित रिटर्निंग वॉल के क्षतिग्रस्त होने के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। मामले की जानकारी मिलने पर नगर पालिका के नेता प्रतिपक्ष सुरेश सुरजुसे एवं कांग्रेस पार्षद मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए। इन्होंने कहा यह सत्ताधारी भाजपा परिषद और अधिकारयों ने इस रिटर्निंग वॉल के क्षतिग्रस्त होने के मामले में जमकर भ्रष्ट्राचार किया है। हमने मौका स्थल निरीक्षण किया है साथ ही नवागत सीएमओ ने भी इस मामले का निरीक्षण कर निष्पक्ष जांच कर दोषी लोगो पर कार्यवाही करनी चाहिए।
भाजपा के नगर पालिका सभापति मदन भांगे तथा पार्षद रामरती ईवनाती ने आरोप लगाया कि रिटर्निंग वॉल के निर्माण में मानकों की अनदेखी करते हुए सामग्री की गुणवत्ता से समझौता किया गया। उनका कहना है कि निर्माण कार्य में खुलेआम डस्ट और निम्नस्तरीय सामग्री का उपयोग किया गया, जिसके कारण एक वर्ष के भीतर ही करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित दीवार क्षतिग्रस्त हो गई।
भाजपा जनप्रतिनिधियों ने दावा किया कि निर्माण कार्य के दौरान ही उन्होंने नगर पालिका के अधिकारियों एवं इंजीनियरों को संभावित खामियों की जानकारी दी थी, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। उनका आरोप है कि संबंधित अधिकारियों, इंजीनियरों और ठेकेदार की मिलीभगत के कारण निर्माण कार्य में अनियमितताएं हुईं, जिसका परिणाम आज सामने है।
नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि रिटर्निंग वॉल ढहने के बाद नगर पालिका प्रशासन मामले की निष्पक्ष जांच कराने के बजाय लीपापोती करने में जुटा हुआ है तथा जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण में नगर पालिका अधिकारियों की कार्यप्रणाली और निर्माण कार्यों की निगरानी पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं।
भाजपा पार्षदों ने मामले की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराकर दोषी अधिकारियों, इंजीनियरों और ठेकेदार के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है, ताकि जनता के धन की बर्बादी के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय हो सके।


