योगेश गजभिये पांढुरना*.पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के निर्माण के उद्देश्य से श्रद्धा सबूरी समाज सेवी संस्था तिगांव द्वारा 50 हजार सीड्स बॉल बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। संस्था द्वारा विभिन्न प्रजातियों के बीजों से सीड्स बॉल तैयार किए जा रहे हैं, जिनमें सर्वाधिक उपयोग सीताफल के बीजों का किया जा रहा है। इसके अलावा आम, जामुन तथा अन्य फलदार वृक्षों के बीजों के साथ-साथ गुलमोहर, करंज, बेहड़ा एवं शिकाकाई जैसी प्रजातियों के बीज भी शामिल किए जा रहे हैं।
संस्था के मार्गदर्शक एवं वाटर हीरो ऑफ इंडिया जल प्रहरी नीरज वानखडे ने बताया कि तैयार किए जा रहे सीड्स बॉल वर्षाकाल में जंगलों एवं खाली भूमि क्षेत्रों में विसर्जित किए जाएंगे। इससे प्राकृतिक रूप से वृक्षारोपण को बढ़ावा मिलेगा तथा भविष्य में जंगलों में रहने वाले पशु-पक्षियों को फल एवं भोजन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। उन्होंने कहा कि यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में भी सहायक सिद्ध होगा।
इस अवसर पर पवन चौकीकर, रंजन वानखडे, स्वाति वानखडे, कंचन गुड़धे, रेखा चरडे, निर्मला बोबडे, गीत चोपड़े, जीजा ठाकरे, गंगाबाई मनोटे, इंदिरा वानखडे एवं रंजन भोजने ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
अभियान में बच्चों का भी उत्साह देखने को मिला। हर्षित, रुद्र, पार्थ, धैर्य एवं कनक ने सीड्स बॉल निर्माण में बढ़-चढ़कर भाग लिया तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
संस्था द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान हरित क्रांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। संस्था का उद्देश्य अधिक से अधिक बीजों को प्रकृति की गोद में पहुंचाकर आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, हरित एवं समृद्ध पर्यावरण का निर्माण करना है।


