कटनी अमानक दही का संग्रहण और विक्रय करने के मामले में न्याय निर्णायक अधिकारी एवं अपर कलेक्टर श्री नीलांबर मिश्र ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए ‘दिल्ली दुग्ध डेयरी’ के संचालक पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्यवाही डेयरी से लिए गए दही के नमूने के जांच में ‘अमानक’ पाये जाने के बाद की गई है।

*यह है पूरा मामला*
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ब्रजेश कुमार विश्वकर्मा ने 2 अगस्त 2024 को नई बस्ती, शहीद द्वार के पास स्थित ‘दिल्ली दुग्ध डेयरी’ का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान डेयरी में दूध, दही और पनीर विक्रय हेतु रखे पाए गए थे। खाद्य सुरक्षा अधिकारी को दही और मिश्रित दूध की गुणवत्ता पर संदेह हुआ, जिसके बाद उन्होंने विधिवत नमूने लिए और उन्हें जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला, भोपाल भेजा।
*जांच में पुष्टि होने पर लगा जुर्माना*
प्रयोगशाला से प्राप्त जांच रिपोर्ट में डेयरी से लिया गया दही का नमूना ‘अमानक’ पाया गया। इसके बाद विभाग द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर डेयरी संचालक श्री नर्मदा प्रसाद मिश्रा को नोटिस जारी किया गया। नोटिस के जवाब में डेयरी संचालक ने यह तर्क दिया कि दही उनके द्वारा स्वयं नहीं बनाया जाता है, बल्कि वे इसे अन्य डेयरी वालों से खरीदकर बेचते हैं। साथ ही, उन्होंने कहा कि उन्हें दही की गुणवत्ता के बारे में जानकारी नहीं थी। हालाँकि, न्यायालय ने इस बचाव को स्वीकार नहीं किया और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 26(2)(ii) और 51 के तहत डेयरी संचालक श्री नर्मदा प्रसाद मिश्रा को दोषी मानते हुये उन पर 20 हजार रुपये का जुर्माना जमा करने का आदेश दिया है।
साथ ही, अर्थदंड की राशि को निर्धारित ट्रेजरी चालान के माध्यम से हैड क्रमांक 0210 चिकित्सा एवं लोक स्वास्थ्य, 04- लोक स्वास्थ्य, 104- शुल्क एवं अर्थ दंड आदि (0754) खाद्य अपमिश्रण एवं औषधि नियंत्रण के अंतर्गत लाइसेंस फीस अर्थदंड आदि के खाते में 30 दिवस के भीतर जमा कर चालान की प्रति न्यायालय में जमा करने हेतु निर्देशित किया गया है। यदि 30 दिनों के भीतर जुर्माना राशि जमा नहीं की जाती है, तो खाद्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 96 के तहत कार्रवाई की जाएगी।


