कटनी (03 जून) – अमानक दही का विक्रय एवं संग्रहण करने के मामले में न्याय निर्णायक अधिकारी एवं अपर कलेक्टर श्री नीलांबर मिश्रा ने खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के तहत कार्यवाही करते हुये स्टेशन रोड स्थित श्री नैवेद्यम रेस्टोरेंट के संचालक पर 30 हजार रुपए का अर्थदंड अधिरोपित किया है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने किया था औचक निरीक्षण
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ब्रजेश कुमार विश्वकर्मा ने 10 अक्टूबर 2024 को स्टेशन रोड स्थित श्री नैवेद्यम रेस्टोरेंट का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान रेस्टोरेंट के फ्रिज में रखे दही और ग्रेवी मसाला में मिलावट का संदेह होने पर उन्होंने रेस्टोरेंट संचालक हरीश गांधी (निवासी: सिविल लाइन, गणेश चौक) की सहमति के बाद दही और ग्रेवी के सैंपल लेकर जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला, भोपाल भेज दिया था।
लैब रिपोर्ट में ‘अमानक‘ पाया गया दही
राज्य खाद्य प्रयोगशाला, भोपाल से आई जांच रिपोर्ट में रेस्टोरेंट का ग्रेवी तो मानक पाया गया जबकि दही ‘अमानक’ पाया गया। जांच रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होने के बाद, न्याय निर्णायक अधिकारी एवं अपर कलेक्टर नीलांबर मिश्रा के कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई। कोर्ट ने रेस्टोरेंट संचालक हरीश गांधी को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 26(2)(ii) और धारा 51 का दोषी पाया।
रेस्टोरेंट संचालक पर लगा 30 हजार का जुर्माना
इसके बाद न्याय निर्णायक अधिकारी एवं अपर कलेक्टर श्री मिश्रा ने रेस्टोरेंट के संचालक हरीश गांधी पर 30 हजार रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया है। साथ ही अर्थदंड की राशि निर्धारित ट्रेजरी चालान के माध्यम से हैड क्रमांक 0210 चिकित्सा एवं लोक स्वास्थ्य, 04- लोक स्वास्थ्य, 104- शुल्क एवं अर्थ दंड आदि (0754) खाद्य अपमिश्रण एवं औषधि नियंत्रण के अंतर्गत लाइसेंस फीस अर्थदंड आदि के खाते में 30 दिवस के भीतर जमा कर चालान की प्रति न्यायालय में जमा करने हेतु निर्देशित किया गया है। यदि 30 दिनों के भीतर जुर्माना राशि जमा नहीं की जाती है, तो खाद्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 96 के तहत कार्रवाई की जाएगी।


