कटनी – मातृ एवं शिशु मृत्यु के मामले में किसी भी स्तर की लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। शनिवार को स्वास्थ्य एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक में कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने सख्त तेवर अपनाते हुए कहा कि यदि जमीनी स्तर पर लापरवाही के कारण मां या नवजात की जान जाती है, तो इसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “जनस्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं में लापरवाही बरतने वालों के विरूद्ध अब सीधे कार्रवाई की जायेगी।”
बैठक में जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राज सिंह ठाकुर, सिविल सर्जन डॉ. यशवंत वर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रतिभा पांडेय, सहायक संचालक महिला सशक्तिकरण वनश्री कुर्वेती सहित जिला एवं विकासखंड स्तर के अधिकारी उपस्थित रहे।
*हर गर्भवती महिला तक पहुंचे स्वास्थ्य सेवाएं*
कलेक्टर श्री तिवारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक गर्भवती महिला का प्रथम तिमाही में अनिवार्य रूप से पंजीयन किया जाए और किसी भी पात्र महिला का नाम अनमोल पोर्टल पर दर्ज होने से न छूटे। इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर तक विशेष काउंसलिंग शिविर आयोजित कर आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ति कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ माता और स्वस्थ शिशु ही समृद्ध समाज की नींव हैं, इसलिए गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, पोषण, उपचार और संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करना सभी मैदानी कर्मचारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
*पोलियो अभियान को लेकर भी सख्त निर्देश*
28 से 30 जून तक चलने वाले पल्स पोलियो अभियान की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले के 1 लाख 79 हजार 737 बच्चों तक पोलियो की खुराक हर हाल में पहुंचे। उन्होंने कहा कि अभियान में किसी भी बच्चे का छूटना गंभीर लापरवाही माना जाएगा।
*आयुष्मान कार्ड और एनीमिया नियंत्रण में तेजी लाने के निर्देश*
कलेक्टर ने आयुष्मान कार्ड निर्माण की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी बीएमओ को लक्ष्य आधारित कार्ययोजना बनाकर शत-प्रतिशत पात्र हितग्राहियों के कार्ड बनाने के निर्देश दिए। गर्भवती महिलाओं में एनीमिया नियंत्रण और उसके उपचार में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।
*उत्कृष्ट कार्य करने वालों का सम्मान*
समीक्षा बैठक में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं के समय पर चिन्हांकन, प्रभावी प्रबंधन एवं सतत फॉलोअप के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी प्रीति साहू, रेवती उइके, राजकुमारी, नीलू सिंह एवं श्रेया को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए पुष्पा आरख, मीना तिवारी, भावना साहू तथा राष्ट्रीय पोषण अभियान की जिला समन्वयक स्वाति श्रीवास्तव को भी सम्मानित किया गया।
*कमजोर प्रदर्शन पर त्वरित कार्रवाई*
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों में लगातार कमजोर प्रदर्शन पाए जाने पर ढीमरखेड़ा विकासखंड के उपस्वास्थ्य केंद्र बाँध की एएनएम संजू गोंड एवं दशरमन की एएनएम पूजा सिंह की वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए गए। वहीं झिर्री उपस्वास्थ्य केंद्र की सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी पूजा बलेचा की सेवा समाप्ति के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश जारी किए गए।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ग्राम पहाड़ी की रानी पति शिवकुमार कोल की मातृमत्यु की समीक्षा करने पर आशा कार्यकर्ता, एएनएम और सीएचओ सहित नर्सिंग आफीसर संगीता मरकाम की जवाबदेही तय करते हुए उत्तरदायित्व निर्वहन में लापरवाही बरतने के लिए कारण बताओं नोटिस जारी करने और संतोषजनक जवाब नहीं पाये जाने पर 7 दिवस के अंदर निलंबन की कार्यवाही करने के निर्देश कलेक्टर श्री तिवारी ने दिए ।
*कुपोषण के विरुद्ध अभियान*
कलेक्टर श्री तिवारी ने कहा कि कुपोषण के विरुद्ध जिले में अभियान चलाकर कार्य किया जाए। आंगनवाड़ी केंद्रों में पंजीकृत प्रत्येक बच्चे का नियमित वजन, सैम एवं मैम बच्चों की सही पहचान, पोषण पुनर्वास और सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि कुपोषण संबंधी आंकड़ों में लापरवाही या गलत जानकारी देने वालों के विरुद्ध भी जवाबदेही तय की जाएगी।
कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने दो टूक कहा— कि “मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ा प्रत्येक मामला संवेदनशील है। उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मान मिलेगा, लेकिन लापरवाही करने वालों के विरूद्ध बिना किसी रियायत के कार्रवाई होगी। जनस्वास्थ्य से समझौता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।


