कटनी जिले की रीठी तहसील के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ स्वास्थ्य कर्मियों को लेकर अब मांगे तेज हो गई है।
आपको बता दे कि जिला पंचायत सदस्य वार्ड क्रमांक 9 की माला मौसी ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में सुधार और लापरवाही खत्म करने की मांग को लेकर जनता के हित मैं एक ऐतिहासिक कदम उठाया है l जहां उन्होंने कटनी कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। कि रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य
केंद्र में कई स्वास्थ्य कर्मचारी लंबे समय से एक ही जगह पर जमे हुए हैं, जिसके कारण अस्पताल की व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं और आम जनता को बेहतर इलाज नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि अस्पताल के अंदर लगातार लापरवाही की शिकायतें सामने आती रहती हैं, लेकिन जिम्मेदार कर्मचारियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।
जिला पंचायत सदस्य ने ज्ञापन में मांग की है कि वर्षों से एक ही स्थान पर कार्यरत कर्मचारियों का तत्काल स्थानांतरण किया जाए, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हो सके और अस्पताल की कार्यप्रणाली पारदर्शी बन सके।
माला मौसी ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि एक सप्ताह के भीतर संबंधित कर्मचारियों को नहीं हटाया गया, तो वह रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने धरने पर बैठेंगी। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन क्षेत्र की जनता के हित में किया जाएगा और तब तक जारी रहेगा जब तक स्वास्थ्य उनकी मांगे पूरी नहीं होती है ।
प्रमुख्य मांगे,,,
1.सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रीठी में वर्षों से जमे कर्मचारियों एवं अधिकारियों का, सीवीसी गाइडलाइन का परिपालन करते हुए तत्काल स्थानांतरण कर उनकी जगह अन्य स्टाफ भेजा जाए,,।
2.अस्पताल की कार्यप्रणाली एवम आरकेएस जैसे अन्य मदो की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
3.स्वास्थ्य सेवाओं को नियमित एवं सुचारु रूप से संचालित करने हेतु आवश्यक कार्रवाई की जाए।
4.कर्मचारियों की समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित की जाए ताकि आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ प्राप्त हो सकें।
5 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रीठी में नियम अनुसार स्त्री रोग विशेषज्ञ सहित डॉक्टरों एवम पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति की जाए l
यदि उक्त मांगों पर 7 दिवस के भीतर उचित कार्रवाई नहीं की जाती है, तो जनहित में हमें भूख हड़ताल पर सरकारी अस्पताल के सामने बैठने को बाध्य होना पड़ेगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।
मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है और अब लोगों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
हरिशंकर बेन,,,


