लोकेशन, बांगई,तामिया
*नंदन फलोद्यान से निकला हरियाली का मार्ग: नान्हो यदुवंशी ने लगभग 500 पौधों से रचा जीवन-संग्राम*
*मोक्षधाम को भी कर दिया हरा भरा-मुंगासिया के किसान ने दिखाई राह*
पौधारोपण करना आसान है, लेकिन पौधों को पेड़ बनाकर नई जिंदगी देना कठिन कार्य है। ग्राम पंचायत बांगई के ग्राम मुंगासिया के किसान नान्हो यदुवंशी ने इस कठिन कार्य को अपने संकल्प और मेहनत से संभव कर दिखाया है। उन्होंने न केवल अपने खेत में फलदार पौधों को संरक्षित किया, बल्कि गांव के शांतिधाम और नर्सरी के पौधों को भी जीवन देकर पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणादायक मिसाल पेश की है। वर्ष 2016-17 में नंदन फलोद्यान योजना के तहत नान्हो यदुवंशी को लगभग 400 पौधे प्रदान किए गए थे। इनमें अधिकांश आम और कुछ आंवला के पौधे शामिल थे। समय पर सिंचाई, गोबर खाद, दवा-छिड़काव और नियमित देखरेख के कारण आज ये पौधे बड़े पेड़ों का रूप ले चुके हैं। खेत में लहलहाती हरियाली अब गांव के लिए प्रेरणा का केंद्र बन गई है। नान्हो यदुवंशी का योगदान केवल अपने खेत तक सीमित नहीं रहा। उनके खेत से लगे शांतिधाम और पंचायत नर्सरी में लगाए गए लगभग 400 पौधों की जिम्मेदारी भी उन्होंने स्वयं उठा ली। जब योजनाओं की अवधि समाप्त होने के बाद देखरेख कम हो गई, तब उन्होंने निजी खर्च से तार फेंसिंग कराई, टैंकर से पानी पहुंचाया और सूख चुके पौधों के स्थान पर नए पौधे लगाकर उन्हें जीवित रखा। नान्हो यदुवंशी का कहना है कि यदि हर किसान अपने खेत में 10 पौधे लगाकर उन्हें पेड़ बनने तक संभाल ले, तो धरती फिर से हरी-भरी हो जाएगी। भविष्य की तैयारी के लिए नान्हो यदुवंशी हमेशा लगभग 100 देशी आम के पौधे तैयार रखते हैं, ताकि कोई पौधा सूखने पर तुरंत उसकी जगह नया पौधा लगाया जा सके। पिछले वर्ष उन्होंने निजी खर्च से 100 कलमी दशहरी आम के पौधे भी लगाए। ग्राम पंचायत बांगई के जनप्रतिनिधि उनकी इस पहल को अनुकरणीय बता रहे हैं। उनका कहना है कि नान्हो यदुवंशी ने अपने खेत के साथ मोक्षधाम को भी फलदार पेड़ों से सजाकर उसे हरियाली का सुंदर केंद्र बना दिया है।
बाइट,किसान नान्हो यदुवंशी
*संवाददाता शुभम सहारे छिंदवाड़ा*


